शिक्षकों की लड़ाई अंतिम दम तक लड़ूंगा : दानिश

अलीनगर : मदरसा शिक्षकों के हक व हुकूक की लड़ाई अंतिम सांस तक लड़ता रहूंगा. उक्त बातें बुधवार को स्थानीय मदरसा बाबूल उलूम में आयोजित मदरसा शिक्षकों के बैठक को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुये बिहार मदरसा टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव दानिश कमर ने कही. उन्होंने कहा कि 2459 प्रथम श्रेणी के मदरसों […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 24, 2015 2:46 AM

अलीनगर : मदरसा शिक्षकों के हक व हुकूक की लड़ाई अंतिम सांस तक लड़ता रहूंगा. उक्त बातें बुधवार को स्थानीय मदरसा बाबूल उलूम में आयोजित मदरसा शिक्षकों के बैठक को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित करते हुये बिहार मदरसा टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश महासचिव दानिश कमर ने कही.

उन्होंने कहा कि 2459 प्रथम श्रेणी के मदरसों के लिये 25 वर्षो से अधिक से संघर्ष करता आ रहा हॅू. जिसमें भूखमरी के शिकार हो रहे मदरसा शिक्षकों ने भरपूर समर्थन दिया. पिछली सरकारें अनदेखी करती रही. किन्तु नीतीश सरकार में पहली खेप में उनमें से 205 मदरसों के शिक्षकों का मानदेय भुगतान होना शुरू हुआ और दूसरे खेप में 609 मदरसों के शिक्षकों की भुगतान प्रक्रिया अंतिम चरण में है.

शुरूआती दौर में संस्कृत विद्यालयों एवं महाविद्यालयों का संघ भी संयुक्त रूप से मेरे साथ आंदोलन करता रहा. जिसका लाभ उन्हें भी मिला. शेष मदरसों के शिक्षकों का भुगतान भी करने के लिये सरकार गंभीर है. बावजूद इसके लिए अगर और भी संघर्ष करना पड़ेगा तो उसमें कमी नहीं की जायेगी. उन्होनें कहा कि कई जगहों पर मदरसा शिक्षकों के भुगतान व डिमांड बिल के नाम पर अन्य संघ वाले राशि की उगाही कर रहे हैं.

ऐसे लोगों के चक्कर मे आने से परहेज करें. इस अवसर पर एसोसिएशन की जिला कमेटी का आंशिक फेरबदल कर गठन भी किया गया जिसमें सरमद फरीदी को अध्यक्ष, अब्दुल रहमान को उपाध्यक्ष, जिलानी अंसारी को महासचिव, मो. साकिर को उपसचिव, गुलाम मुस्तफा को प्रवक्ता सहित 9 सदस्यीय कमेटी सर्वसम्मति से गठित की गयी.
इसमे विभिन्न श्रेणियों के मदरसा के जिला भर के शिक्षक जुटे थे. जिसमे मो. अशरफ कासमी, मौलाना मो. जावेद, शकील अहमद, फकीर मोहम्मद, परवेज अंसारी, सदरे आलम आदि प्रमुख हैं.

Next Article

Exit mobile version