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कैंपस- पीएचडी डग्रिी धारकों की बैठक

कैंपस- पीएचडी डिग्री धारकों की बैठक फोटो- 3परिचय-बैठक में भाग लेते पीएचडी डिग्री धारी दरभंगा. पीएचडी डिग्री धारकों की बैठक राज अस्पताल परिसर में गुरुवार को हुई. बैठक में यूजीसी के 2009 रेगुलेशन से पूर्व पीएचडी धारकों को साक्षात्कार में नहीं बुलाये जाने के खिलाफ व्यापक आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया है. बैठक को […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 31, 2015 8:48 PM

कैंपस- पीएचडी डिग्री धारकों की बैठक फोटो- 3परिचय-बैठक में भाग लेते पीएचडी डिग्री धारी दरभंगा. पीएचडी डिग्री धारकों की बैठक राज अस्पताल परिसर में गुरुवार को हुई. बैठक में यूजीसी के 2009 रेगुलेशन से पूर्व पीएचडी धारकों को साक्षात्कार में नहीं बुलाये जाने के खिलाफ व्यापक आंदोलन चलाने का निर्णय लिया गया है. बैठक को संबोधित करते हुए डाॅ राम मोहन झा ने कहा कि यूजीसी द्वारा एमफिल और पीएचडी के लिए 11 जुलाई 2009 के अधिसूचित रेगुलेशन तीन साल बाद छह नवंबर 2012 को बिहार में अधिसूचित की गयी. नतीजतन बिहार में यूजीसी के 2009 के पूर्व के दिशा पर ही पीएचडी निबंधन की प्रक्रिया अपनायी जाती रही. इसलिए बिहार में 2009 के पूर्व रेगुलेशन के अधार पर जहां 30 हजार से ज्यादा पीएचडी धारक हैं. वहीं 2009 के बाद एक भी पीएचडी धारक नहीं हैं. बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने बिहार सरकार से निर्लेकर कमिटी के रिपोर्ट के आने तक बीपीएससी को साक्षात्कार स्थगित करने की मांग की है, ताकि बिहार के 2009 के पूर्व के हजारों पीएचडी धारकों के भविष्य को बचाया जा सके. बैठक को डाॅ शैलेंद्र कु मार ठाकुर, डाॅ भारतेंदु कु मार, डाॅ चंद्रभूषण यादव, डाॅ अनिल बिहारी, डाॅ उमेश्वर यादव, डाॅ शिव कुमार पासवान, डाॅ सुमनजी झा, डाॅ मो कलाम आदि ने संबोधित किया. राममोहन झा की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित करने का प्रस्ताव पारित किया गया. दो जनवरी 2016 को पटना में पीएचडी धारकों की राज्यस्तरीय बैठक को सफल बनाने की अपील की गयी.

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