One Nation One Election के मुद्दे पर JPC की पहली बैठक हुई आज, बिहार के ये सांसद हुए शामिल

One Nation One Election: "एक राष्ट्र, एक चुनाव" को लेकर बुधवार को जेपीसी की पहली बैठक आयोजित हुई. बैठक की अध्यक्षता बीजेपी के सांसद पीपी चौधरी कर रहे हैं.

By Prashant Tiwari | January 8, 2025 2:50 PM
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One Nation One Election: “एक राष्ट्र, एक चुनाव” को लेकर बुधवार को जेपीसी की पहली बैठक आयोजित हुई. यह बैठक संविधान (एक सौ उनतीसवां संशोधन) विधेयक, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक, 2024 की समीक्षा करने के लिए बुलाई गई थी. बैठक का मुख्य उद्देश्य सदस्यों को इन दो प्रमुख विधेयकों से परिचित कराना था. बैठक में कानून और न्याय मंत्रालय के अधिकारी प्रस्तावित कानूनों के प्रावधानों पर जानकारी दिया.

बिहार के ये सांसद हुए बैठक में शामिल 

 इस बैठक में बिहार के तीन सांसद भी शामिल हुए. इनमें बीजेपी के डॉ संजय जायसवाल, लोजपा (रामविलास) की शांभवी चौधरी और जेडीयू के राज्यसभा सांसद और कार्यकारी अध्य संजय कुमार झा का नाम शामिल हैं. 

17 दिसंबर को लोकसभा में पेश किया गया था बिल 

एक राष्ट्र, एक चुनाव” विधेयक को 17 दिसंबर को लोकसभा में पेश किया गया था. जेपीसी की अध्यक्षता भाजपा के सांसद पी.पी. चौधरी कर रहे हैं। इस समिति में कुल 39 सदस्य हैं, जिनमें 27 लोकसभा और 12 राज्यसभा से हैं. जेपीसी का मुख्य कार्य लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनावों को एक साथ कराने की व्यवहार्यता और योजना की जांच करना होगा. इसके अलावा, यह समिति पुडुचेरी, दिल्ली और जम्मू-कश्मीर जैसे केंद्र शासित प्रदेशों में चुनावों को लोकसभा चुनावों के साथ मिलाकर कराने के प्रस्तावों का भी मूल्यांकन करेगी. 

बीजेपी सांसद पीपी चौधरी

हमारा प्रयास आम सहमति तक पहुंचना: पीपी चौधरी 

भाजपा सांसद और संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) के अध्यक्ष पीपी चौधरी ने एक देश एक चुनाव पर प्रतिक्रिया देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि संसद के उन सदस्यों के बीच आम सहमति बनेगी जो जेपीसी का हिस्सा होंगे. जेपीसी का प्रयास विधेयकों की “निष्पक्ष” तरीके से जांच करना होगा. उन्होंने यह सुनिश्चित किया कि संसदीय पैनल इस मामले में प्रत्येक हितधारक की बात सुनेगा. हमारा प्रयास हर क्षेत्र के लोगों चाहे वह राजनीतिक दलों से हो या नागरिक समाज से हो या न्यायपालिका से सभी की बात सुनना होगा. हम सभी का इनपुट लेना चाहते हैं. हम सरकार की तरफ से पेश किए गए विधेयकों का निष्पक्ष तरीके से परीक्षण करेंगे. हमारा प्रयास आम सहमति तक पहुंचना होगा. मुझे विश्वास है कि हम देशहित के लिए काम करेंगे.”

ये दिग्गज बिल को लेकर रखेंगे अपनी राय 

जेपीसी के सदस्यों में कांग्रेस की प्रियंका गांधी वाड्रा, भाजपा के अनुराग ठाकुर और अनिल बलूनी, तृणमूल कांग्रेस के कल्याण बनर्जी, और समाजवादी पार्टी के धर्मेंद्र यादव जैसे विपक्षी नेता भी शामिल हैं. समिति की चर्चाएं और सिफारिशें भारत की चुनावी प्रक्रिया के भविष्य को प्रभावित करेंगी. करीब 90 मिनट तक चली बहस के बाद, कानून मंत्री अर्जुन मेघवाल ने लोकसभा में संविधान (129वां संशोधन) विधेयक पेश किया. मतों के विभाजन में 269 सांसदों ने पक्ष में और 198 ने इसके खिलाफ वोट किया. इसके बाद विधेयक को आगे की जांच के लिए समिति के पास भेज दिया गया. 

ये लोकसभा सांसद भी है JPC में शामिल 

समिति में लोकसभा सांसद पी.पी. चौधरी, सी. एम. रमेश, बांसुरी स्वराज, परषोत्तम रूपाला, अनुराग सिंह ठाकुर, विष्णु दयाल राम, भर्तृहरि महताब, संबित पात्रा, अनिल बलूनी, विष्णु दत्त शर्मा, प्रियंका गांधी वाड्रा, मनीष तिवारी, सुखदेव भगत, धर्मेंद्र यादव, कल्याण बनर्जी, टी. एम. सेल्वगणपति, जी.एम. हरीश बालयोगी, सुप्रिया सुले, श्रीकांत शिंदे, चंदन चौहान और बालाशोवरी वल्लभनेनी शामिल हैं. 

सरकार और विपक्ष का अपना-अपना दावा 

सरकार का तर्क है कि एक साथ चुनाव कराने से शासन में सुधार होगा और लागत कम होगी, जबकि विपक्षी दलों को इसके संघीय ढांचे पर असर को लेकर चिंता हैय जेपीसी इन चिंताओं को दूर करने और इस ऐतिहासिक चुनाव सुधार पर आम सहमति बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी. 

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