दूसरे दिन भी नहीं चले ऑटो

गया: शहर में लगातार दूसरे दिन भी ऑटो नहीं चले. इससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई. ऑटो नहीं चलने से कोचिंग करने वाले छात्र-छात्राओं व बाहर से आने-जाने वाले यात्रियों को स्टेशन व बस स्टैंड जाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी. अधिकतर यात्रियों को पैदल ही अपने ठिकानों पर जाना पड़ा. गया जिला के […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 29, 2013 10:14 AM

गया: शहर में लगातार दूसरे दिन भी ऑटो नहीं चले. इससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई. ऑटो नहीं चलने से कोचिंग करने वाले छात्र-छात्राओं व बाहर से आने-जाने वाले यात्रियों को स्टेशन व बस स्टैंड जाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी. अधिकतर यात्रियों को पैदल ही अपने ठिकानों पर जाना पड़ा.

गया जिला के ऑटो रिक्शा संघ के अध्यक्ष मसूद मंजर ने कहा कि संघ की ओर से ऑटो हड़ताल की घोषणा नहीं की गयी है. कुछ ऑटो चालक लोगों के बहकावे में आकर हड़ताल पर हैं. साथ ही कुछ ऑटो चालकों को चलाने पर उनकी गाड़ी के शीशे तोड़ दिये जा रहे हैं. इससे भी परेशान होकर कई ऑटो चालक सड़क पर गाड़ी नहीं उतार रहे हैं. यह मामला राजनीतिक से प्रेरित प्रतीत होता है.

उधर, विष्णुपद मंदिर से बोधगया व मेडिकल कॉलेज जाने वाले ऑटो गुरुवार को नहीं चले. इससे यात्रियों को काफी परेशानी हुई. ऑटो नहीं चलने से कोचिंग करने वाले छात्र-छात्राओं व बाहर से आने-जाने वाले यात्रियों को स्टेशन व बस स्टैंड जाने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी. बुधवार को भी शहर में कचहरी रूट बंद किये जाने को लेकर ऑटो नहीं चले थे.

वार्ड पार्षद व विष्णुपद बेरोजगार ऑटो चालक संघ के अध्यक्ष शशि किशोर ‘शिशु’ ने बताया कि विष्णुपद मंदिर से बोधगया व मेडिकल कॉलेज जाने वाले करीब 70 ऑटो नहीं चले. उन्होंने कहा कि ऑटो चालकों को बोधगया जाने से पहले ही रोक दिया जाता है. इससे इनकी कमाई कम हो गयी है. इतना ही नहीं, कई बार उनसे पार्किग शुल्क भी ले लिया जाता है और गाड़ी लगाने के लिए पर्याप्त जगह नहीं दी जाती है. जगह के अभाव जब चालक इधर-उधर ऑटो लगा देते हैं, तो पुलिस वाले तंग करते हैं. कई बार चालकों की पिटाई भी की गयी है. ऑटो चालकों ने अपनी समस्याओं को देखते हुए ही विष्णुपद बेरोजगार ऑटो चालक संघ बनाया है.

शशि किशोर ने बताया कि चालकों की समस्याओं को लेकर गुरुवार को चालकों का प्रतिनिधिमंडल बोधगया के डीएसपी सतीश कुमार से मुलाकात की. डीएसपी ने ऑटो चालकों की समस्याओं को देखते हुए मांगें मान ली हैं. जल्द समस्या सुलझने केआसार हैं.

Next Article

Exit mobile version