7.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

ट्राॅमा सेंटर का दर्जा मिलने के बाद भी नहीं बदली सूरत

अनुमंडलीय अस्पताल शेरघाटी को भले ट्राॅमा सेंटर का दर्जा मिल गया हो, लेकिन यहां मरीजों को मिलनेवाले इलाज से लेकर अन्य सुविधाओं में कोई बदलाव या सुधार नहीं आया है. मरीजों के बेड पर रोज चादर तक नहीं बदले जाते हैं.

शेरघाटी. अनुमंडलीय अस्पताल शेरघाटी को भले ट्राॅमा सेंटर का दर्जा मिल गया हो, लेकिन यहां मरीजों को मिलनेवाले इलाज से लेकर अन्य सुविधाओं में कोई बदलाव या सुधार नहीं आया है. मरीजों के बेड पर रोज चादर तक नहीं बदले जाते हैं. प्रसव के बाद मरीजों व उनके परिजनों से वार्ड में कार्यरत कर्मियों व नर्सों के द्वारा दबाव बनाकर रुपये वसूलने के मामले अक्सर आते हैं. शुक्रवार को गोपालपुर गांव की संगीता देवी ने बताया कि उनकी छोटी गोतनी विनती देवी को प्रसव पीड़ा होने पर गुरुवार की रात करीब 8:30 बजे अनुमंडलीय अस्पताल में भर्ती कराया गया. लेकिन, भर्ती होने के बाद से सुबह के 4:00 बजे तक ना कोई चिकित्सक और न ही स्वास्थ्य कर्मी आया. जब वह प्रसव पीड़ा सहन करने से असमर्थ हो गयी तो हमने हल्ला शुरू किया. तब जाकर स्वास्थ्य कर्मियों एवं नर्सों की नींद टूटी और उसे लेबर रूम में लेकर गये. इसके बाद उसकी नॉर्मल डिलीवरी हुआ. उन्होंने कहा की डिलीवरी होने के बाद वार्ड में काम करने वाले सभी लोग अलग-अलग खर्च के नाम पर पैसे मांगने लगे और सभी ने दबाव बनाकर पैसा लिया. महिला ने बताया कि रात्रि में विनती देवी को भर्ती कराया गया था. लेकिन, रात से सुबह के 11:00 बजे तक नाश्ता खाना देना तो दूर पूछने तक कोई नहीं आया. उसने कहा कि इतना ही नहीं बेड का चादर भी नहीं बदली गयी. गंदी चादर पर ही जच्चा-बच्चा दोनों लेटे हैं. इसी प्रकार अस्पताल में इलाज करवाने आये नवादा गांव के शिवनंदन प्रसाद, एवं गुरुआ प्रखंड के विरहीमा गांव से इलाज करवाने यहां आये राम प्यारे पासवान ने कहा कि पीने के पानी की यहां समुचित व्यवस्था नहीं है. इसी प्रकार आरती देवी एवं जुबैदा खातून ने बताया कि अस्पताल में शौचालय काफी गंदा रहता है, जहां जाना मुनासिब नहीं है. बाथरूम से काफी बदबू निकलता है, जिसकी वजह से वहां खड़ा रह पाना भी मुश्किल होता है. प्रभारी उपाधीक्षक डॉ जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि आउट सोर्सिंग के जिम्में सफाई व्यवस्था थी. एक अप्रैल से जीविका को नाश्ता-खाने के साथ-साथ सफाई का भी जिम्मा दिया गया है. अगर प्रतिदिन चादर नहीं बदली जाती और मरीज को समय पर नाश्ता-खाना न मिलने की शिकायत है, तो कार्रवाई की जायेगी.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

Prabhat Khabar News Desk
Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel