सासामुसा : चीनी मिल हादसे में पारसनाथ गिरि की मौत इलाज के अभाव में हो गयी. गोरखपुर के बाम्बे हॉस्पिटल में भर्ती पारसनाथ की ईलाज में 2.45 लाख रुपये खर्च हो चुका था. परिजनों ने रिश्तेदारों और सगे-संबंधियों से पैसा लेकर इलाज कराया. इसके बाद भी डॉक्टरों की लापरवाही के कारण उनकी जान नहीं बच पायी. परिजनों ने हॉस्पीटल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया. मृतक के चाचा जितेंद्र गिरि के मुताबिक, मरने के बाद 50 हजार रुपये के लिए हॉस्पिटल ने मृत्यु रिपोर्ट नहीं दी.
वहीं मृतक के पुत्र मनीष गिरि ने कहा कि गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में हादसे के बाद भर्ती कराया गया था. लेकिन बाद में बेहतर इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी मौत हो गयी.
