जिला जज ने एसपी को कोर्ट में बुलाया आरोपित एएसआइ लाइन हाजिर

गोपालगंज : नगर थाना में कागजात का सत्यापन कराने गये कोर्टकर्मी के साथ एएसआइ द्वारा किये गये दुर्व्यवहार व हाजत में बंद करने की घटना पर गुरुवार को कोर्टकर्मी और वकील आक्रोशित हो उठे. उन्होंने कोर्ट में पहुंचे नगर थाने की पुलिस का विरोध किया. कार्रवाई की मांग पर वकील व कर्मी अड़े हुए थे.... […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 9, 2019 6:47 AM

गोपालगंज : नगर थाना में कागजात का सत्यापन कराने गये कोर्टकर्मी के साथ एएसआइ द्वारा किये गये दुर्व्यवहार व हाजत में बंद करने की घटना पर गुरुवार को कोर्टकर्मी और वकील आक्रोशित हो उठे. उन्होंने कोर्ट में पहुंचे नगर थाने की पुलिस का विरोध किया. कार्रवाई की मांग पर वकील व कर्मी अड़े हुए थे.

उधर, कोर्टकर्मी की शिकायत पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र कुमार ने एसपी राशिद जमां को कोर्ट बुलाया. कोर्ट पहुंचे एसपी के अलावे विधिज्ञ संघ महासचिव शैलेंद्र तिवारी के साथ जिला जज ने घंटों बैठक की. इसमें एसपी ने न्यायिक अधिकारियों व कर्मियों को भरपूर सहयोग करने का भरोसा दिलाया.
बाद में आरोपित एएसआइ गुलाम अच्छदानी को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर करने का निर्णय लिया गया. उसके बाद जिला जज के चैंबर के बाहर आक्रोशित अधिवक्ताओं व कर्मियों को समझाकर शांत कराया गया.
क्या है पूरा मामला
गोपालगंज सिविल कोर्ट के न्यायिक मजिस्ट्रेट नीरज कुमार पांडेय की कोर्ट में पटना जिले के फुलवारीशरीफ थाना क्षेत्र के गोनपुरा के चंदन कुमार पीठ लिपिक के रूप में तैनात हैं. उनका गोरखपुर यूपी पुलिस में प्लाटून कमांडर में उपनिरीक्षक के पद पर चयन हुआ है. उन्होंने चरित्र प्रमाणपत्र का सत्यापन कराने के लिए आवेदन दिया था. उन्होंने बताया कि मंगलवार को दिन के 2:30 बजे नगर थाने में सत्यापन की जानकारी लेने पहुंचे.
वहां एएसआइ गुलाम अच्छदानी सत्यापन की जानकारी देने में टाल-मटोल करते रहे. जब उनको बताया कि न्यायालय कर्मी हूं, तो उन्होंने कहा कि बिना पैसा दिये कोई काम नहीं होगा. उन्होंने इन्कार किया तो धक्का मुक्की कर गाली-गलौज किया गया. पुलिस अधिकारी नशे में था. बार-बार प्रार्थना करने के बाद भी उन्हें हवालात में डाल दिया गया.
मोबाइल पर इसकी सूचना अन्य सहकर्मियों को दी. उनके कहने के बाद भी नहीं छोड़ा गया. एएसआइ द्वारा बर्बाद कर देने की धमकी दी जा रही थी. इसके बाद घटना की जानकारी सीजेएम को हुई तो उनके कहे जाने पर तीन घंटे बाद धमकी देते हुए हाजत से मुक्त किया गया.
देर शाम को जानकारी मिलते ही कोर्ट ने िलया संज्ञान
कोर्टकर्मी के साथ थाने में दुर्व्यवहार की घटना की जानकारी मिलने के साथ ही कोर्ट गंभीर हो गया. थाना में जाकर न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा पहल करने की बात भी झूठी निकली है. न्यायिक अधिकारियों ने तत्काल इस मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश को स्थिति से अवगत कराया
. रात में ही जिला जज ने पुलिस कप्तान को जानकारी देते हुए सुबह नौ बजे कोर्ट में बुला लिया. इस घटना को लेकर बुधवार की सुबह कोर्टकर्मियों से लेकर अधिवक्ताओं तक में काफी आक्रोश देखा गया.
हालांकि, न्यायिक अधिकारियों, एसपी व विधिज्ञ संघ की तरफ से पहल कर स्थिति को संभाल लिया गया. इसमें विधिज्ञ संघ के अंकेक्षक रवि प्रकाश मणि त्रिपाठी की भूमिका प्रमुख रही.