गोपालगंज : अब गर्भवती महिलाओं को लेकर स्वास्थ्य विभाग खास एहतियात बरतेगा. गर्भकाल से लेकर उनके प्रसव तक हीमोग्लोबिन, दिल, ब्लड प्रेशर आदि का पूरा ख्याल रखा जायेगा.
यदि इसमें कोई दिक्कत आती है तो संबंधित स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी व चिकित्साधिकारी की यह जिम्मेदारी होगी कि महिला की स्थिति को देखते हुए उसे महिला अस्पताल या फिर मेडिकल कॉलेज रेफर करने का निर्णय ले. इस व्यवस्था को लेकर सीएस डॉ शंकर झा ने जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिये हैं. उनसे कहा गया है कि स्वास्थ्य केंद्रों पर चेकअप के दौरान गर्भवती महिलाओं की हालत पर खास नजर रखी जाये.
यदि उनका हीमोग्लोबिन सात ग्राम से कम है, उनको दिल या दमा की बीमारी है, शरीर में सूजन है, पहला प्रसव सिजेरियन हुआ है या फिर महिला पहली बार गर्भवती है तो उस पर विशेष ध्यान दिया जाये. उसकी स्थिति का आकलन कर देखा जाये कि प्रसव के दौरान महिला को किन खतरों की संभावना है और ऐसा होने पर उसका इलाज कहां संभव हो सकता है.
स्थिति की गंभीरता के अनुसार ही उसे जिले के स्वास्थ्य केंद्र, सदर अस्पताल या फिर मेडिकल कॉलेज में इलाज कराने के बारे में निर्णय लिया जाये. यही नहीं, संबंधित महिला को अस्पताल तक सुरिक्षत पहुंचाने और वहां से वापस घर भेजने की व्यवस्था पर भी नजर रखने को कहा गया है.
इस नयी व्यवस्था के पहले भी गर्भवती महिलाओं को लेकर स्वास्थ्य प्रशासन एक बड़ा कदम उठा चुका है. इसके तहत यदि किसी स्थिति में प्रसव की वजह से गर्भवती महिला की मौत होती है, तो इसे अत्यंत गंभीरता से लिया जायेगा. मौत के कारणों के तह तक पहुंचने के लिए डेथ ऑडिट कराया जायेगा और कोई भी गलती साबित होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी.
डॉ शंकर झा, सीएस, गोपालगंज
* हीमोग्लोबिन की कमी, गंभीर बीमारी से पीड़ित महिलाओं को पहले ही किया जायेगा चिह्न्ति
* जरूरत के मुताबिक भेजा जायेगा महिला अस्पताल या मेडिकल कॉलेज