पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने रोका पुलिस का अनुसंधान

सदर अस्पताल में दो माह से नहीं है पीएम रजिस्टरस्वास्थ्य विभाग को एसपी ने लिखा कड़ा पत्रहत्या व दुर्घटनाओं के मामले में नहीं हो रही कार्रवाईसंवाददाता, गोपालगंजसदर अस्पताल में पोस्टमार्टम रिपोर्ट लिखनेवाला रजिस्टर नहीं है. पिछले दो माह से रजिस्टर के अभाव में पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं लिखी जा रही है. पुलिस का अनुसंधान बाधित है. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | February 10, 2015 1:02 PM

सदर अस्पताल में दो माह से नहीं है पीएम रजिस्टरस्वास्थ्य विभाग को एसपी ने लिखा कड़ा पत्रहत्या व दुर्घटनाओं के मामले में नहीं हो रही कार्रवाईसंवाददाता, गोपालगंजसदर अस्पताल में पोस्टमार्टम रिपोर्ट लिखनेवाला रजिस्टर नहीं है. पिछले दो माह से रजिस्टर के अभाव में पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं लिखी जा रही है. पुलिस का अनुसंधान बाधित है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिलने से हत्यारों को परोक्ष लाभ मिल रहा है. एसपी अनिल कुमार सिंह ने सिविल सर्जन को पत्र लिख कर पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए कहा है. कई बड़े आपराधिक घटनाओं में पोस्टमार्टम रिपोर्ट के जरिये पुलिस को सुराग मिलता है. उस सुराग की बदौलत कांड का खुलासा करने में पुलिस सफल होती है. यहां तो महज एक रजिस्टर के अभाव में पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं लिखी जा रही है. जब मामला सामने आया, तो एसपी की सख्ती पर सीएस ने अपने स्तर से डॉक्टरों को तत्काल पोस्टमार्टम रिपोर्ट लिखने का निर्देश जारी किया. सूत्रों की मानें, तो पोस्टमार्टम रिपोर्ट का रजिस्टर स्थानीय स्तर पर छपवाना है. फिर भी दो माह से रजिस्टर का नहीं छपना स्वास्थ्य विभाग की मनसा पर सवाल खड़ा कर रहा है. इस संदर्भ में सिविल सर्जन डॉ विभेष प्रसाद सिंह ने कहा कि रजिस्टर छापने का आदेश दिया गया है. जैसे ही रजिस्टर उपलब्ध होगा, डॉक्टरों को लगा कर पोस्टमार्टम रिपोर्ट लिख दी जायेगी.