थावे महोत्सव की पर्यटन मंत्री ने की उपेक्षा / बॉक्स
मंत्री के कारण थावे महोत्सव को नहीं मिली अतिरिक्त राशि वर्ष 2012 में आवंटित राशि के अनुरूप नहीं दिया गया आवंटनराशि के अभाव में थावे महोत्सव को बेहतर बनाना मुश्किलसंवाददाता. गोपालगंजथावे महोत्सव को इस बार राशि के अभाव में बेहतर बनाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. इसका कारण है पर्यटन मंत्री का उपेक्षा […]
मंत्री के कारण थावे महोत्सव को नहीं मिली अतिरिक्त राशि वर्ष 2012 में आवंटित राशि के अनुरूप नहीं दिया गया आवंटनराशि के अभाव में थावे महोत्सव को बेहतर बनाना मुश्किलसंवाददाता. गोपालगंजथावे महोत्सव को इस बार राशि के अभाव में बेहतर बनाने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा. इसका कारण है पर्यटन मंत्री का उपेक्षा करना. एक तरफ बिहार के पर्यटन स्थलों को राष्ट्रीय ख्याति दिलाने के लिए पहल की जा रही है. वहीं, दूसरी तरफ महोत्सव के उद्घाटन का विज्ञापन छपने के बाद भी मंत्री का उद्घाटन समारोह में नहीं आना उपेक्षा को दरसाता है. उक्त बातें बिहार सरकार के पूर्व पर्यटन मंत्री व भाजपा विधायक राम प्रवेश राय ने कहीं. उन्होंने कहा कि थावे महोत्सव को 2012 में राजग सरकार ने मंजूरी दी थी, तब 35 लाख का आवंटन दिया गया था. 25 लाख रुपये खर्च कर पहले वर्ष का महोत्सव मनाया गया. इसके बाद महंगाई दोगुनी से अधिक बढ़ गयी. लेकिन थावे महोत्सव के लिए राशि नहीं बढ़ायी गयी. उन्होंने कहा कि मंत्री जी को थावे की चिंता होती, तो निश्चित तौर पर प्रशासन की तरफ से मांगी गयी राशि का आवंटन मिला होता. वहीं, भाजपा नेता मिथिलेश तिवारी ने कहा कि थावे महोत्सव को वर्ष 2012 में मैंने पहल कर बरौली के मोहनपुर के रहनेवाले पर्यटन विभाग के निदेशक डीके श्रीवास्तव से मंजूरी ली थी. थावे महोत्सव राष्ट्रीय स्तर पर अपना स्थान रखता है. लेकिन सरकार की उपेक्षा के कारण आज महोत्सव को बेहतर बनाना मुश्किल हो गया है.
