चेहरों पर रहेगी निगाह नहीं छिप सकेगा गुनाह

गोपालगंज : ट्रेनों में अपराधों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. अपराधियों को पकड़ना तो दूर, उनकी शिनाख्त करना तक मुश्किल हो रहा है. जीआरपी अब ऐसे अपराधियों को पकड़ने के लिए आधुनिक सिस्टम डिजिटल फ्रेम थानों को उपलब्ध कराने जा रही है. इसमें अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्यों की वीडियो क्लिपिंग रहेगी, जिसे देख […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | March 31, 2015 1:12 AM
गोपालगंज : ट्रेनों में अपराधों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है. अपराधियों को पकड़ना तो दूर, उनकी शिनाख्त करना तक मुश्किल हो रहा है. जीआरपी अब ऐसे अपराधियों को पकड़ने के लिए आधुनिक सिस्टम डिजिटल फ्रेम थानों को उपलब्ध कराने जा रही है.
इसमें अंतरराज्यीय गिरोह के सदस्यों की वीडियो क्लिपिंग रहेगी, जिसे देख कर अपराधियों की शिनाख्त की जा सकेगी.
यदि कोई अपराधी नकाब पहन कर वारदात को अंजाम देगा, तब भी बच नहीं सकेगा. कंप्यूटर से उसका नकाब हटा कर चेहरा पहचानने में मदद मिलेगी.
ट्रेनों में बिहार, उत्तर प्रदेश के बदमाशों के गिरोह लगातार अपराध कर रहे हैं. अधिकतर घटनाएं जहरखुरानी की होती हैं. स्थानीय बदमाशों द्वारा चेन स्नेचिंग, मोबाइल लूट या सामान चोरी करने के मामले भी सामने आते हैं. घटनाओं की रिपोर्ट तक दर्ज नहीं हो पाती. जैसे तैसे कांड दर्ज भी हो गये, तो अपराधियों की पहचान की कोई व्यवस्था नहीं होने से ये रिपोर्ट महज औपचारिकता बन कर रह जाती है. अब जीआरपी अपराधियों को पकड़ने करने के लिए डिजिटल फ्रेम की व्यवस्था करने जा रही है. यह फ्रेम सभी प्रमुख थानों में उपलब्ध रहेगी. इसमें यूपी, बिहार, बंगाल, दिल्ली आदि में ट्रेनों में अपराध करनेवाले बदमाशों की वीडियो क्लिप होगी. जीआरपी द्वारा जिस क्षेत्र में घटना हुई है, उस क्षेत्र के अपराधियों की वीडियो क्लिप पीड़ित यात्रियों को दिखायी जायेगी.
क्लिपिंग स्वचालित होगी. ट्रेन में अपराध करनेवाले अपराधी यदि चेहरे पर नकाब पहने हुए होंगे, तो भी उसे कंप्यूटर द्वारा नकाब हटा कर दिखाये जायेंगे, ताकि उनकी शिनाख्त हो पाये. यात्रियों को व्हाट्सएप या इंटरनेट के माध्यम से वीडियो क्लिप भेज कर अपराधियों की पहचान कराने की व्यवस्था भी होगी. पूर्वोत्तर रेलवे गोरखपुर के पीआरओ आलोक कुमार ने बताया कि जल्दी इसे लागू की जायेगी.