तीन की गयी जान, तीन दर्जन घर गिरे

फिर कांप उठी धरती : भूकंप के झटकों से घर छोड़ सड़क पर आयी आबादी 25 अप्रैल से एक सप्ताह तक रुक-रुक कर लगातार आ रहे भूकंप के झटकों से अभी लोगों ने राहत की सांस ली थी कि 12 मई मंगलवार की दोपहर में आधा घंटे के अंतराल पर दो झटके महसूस किये गये. […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 13, 2015 12:24 AM
फिर कांप उठी धरती : भूकंप के झटकों से घर छोड़ सड़क पर आयी आबादी
25 अप्रैल से एक सप्ताह तक रुक-रुक कर लगातार आ रहे भूकंप के झटकों से अभी लोगों ने राहत की सांस ली थी कि 12 मई मंगलवार की दोपहर में आधा घंटे के अंतराल पर दो झटके महसूस किये गये. इस दौरान दो महिलाओं समेत तीन लोगों की मौत हो गयी.
भूकंप के झटकों ने ऊंचे व बड़े भवनों से लेकर बिजली पोल व टावरों को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है. इसके चलते घरों में दरार आ गयी, वहीं दर्जनों लोग घायल हो गये. वहीं तीन दर्जन घर गिर गये. दो दर्जन से अधिक अस्पताल में भरती किये गये हैं. डेढ़ हजार घरों में दरार आयी है.
गोपालगंज : मंगलवार की दोपहर भूकंप से फिर धरती कांप उठी. धरती डोलते ही पूरी आबादी घर छोड़ कर सड़क पर आ गयी. भूकंप की तीव्रता 7.4 आंकी गयी है. जिले में दो महिलाओं समेत तीन लोगों की मौत हो गयी. तीन दर्जन से अधिक लोग बीमार होकर अस्पताल पहुंचे, जबकि तीन दर्जन से अधिक घरों के ध्वस्त होने की सूचना है. डेढ़ हजार घरों के क्षतिग्रस्त होने की खबर है.
आधा घंटे के अंतराल पर दो झटके महसूस किये गये. पहला झटका दिन के 12.35 बजे आया. 45 सेकेंड तक रहे इस झटके की तीव्रता लोगों ने तेज महसूस की. वहीं, दूसरा झटका दिन के 1.09 बजे आया.
18 दिन बाद फिर लोग दहशतजदा : 25 अप्रैल को इसी समय लोगों ने पहले झटके को महसूस किया था. उसके बाद एक सप्ताह तक दहशत का माहौल बना हुआ था. 12 मई मंगलवार को एक बार फिर धरती के कांपने से दहशत का माहौल है. कंपन महसूस करते ही सभी लोग घर छोड़ कर खुले में भागने लगे. अधिकारी हो या कर्मचारी सभी कुछ देर के लिए सड़क पर आ गये.
दो छात्राएं बेहोश : भूकंप के समय शहर के कई विद्यालयों में पढ़ाई चल रही थी. कुछ में छुट्टी हो गयी थी. विद्यालय से लेकर सड़कों पर जा रहे छोटे-छोटे मासूम बच्चे कांप उठे. वे जोर-जोर से चिल्लाने लगे. शहर के नंदी ग्रेस विद्यालय की दो छात्राएं बेहोश हो गयीं.
सरेया में दीवार गिरी : शहर के सरेया वार्ड नंबर 1 में भूकंप से एक दीवार गिर गयी. कृष्णा प्रसाद चौरसिया ने मवेशी बांधने के लिए बथान बनाया था. अचानक धरती हिलते ही दीवार गिर गयी. भगवान का शुक्र था कि उस समय उसमें न कोई मवेशी थी और न आदमी.
महम्मदपुर में ध्वस्त हुआ गरीबों का घर : भूकंप के झटके से महम्मदपुर के मंगोल गांव के संजय प्रसाद, जितेंद्र कुमार सिंह के घर ध्वस्त हो गये, जबकि बुचेया पंचायत के पूर्व मुखिया विनोद मांझी का घर क्षतिग्रस्त हो गया. भूकंप से सिधवलिया तथा बैकुंठपुर प्रखंडों के एक दर्जन घर क्षतिग्रस्त होने की खबर है.
सोनहुला चंद्रभान में चार बच्चों के साथ मां घायल : कुचायकोट . गोपालपुर थाना क्षेत्र के सोनहुला चंद्रभान गांव में भूकंप के झटके से एस्बेस्टस का मकान गिर गया, जिसमें विगु राम की पत्नी विदा देवी, श्वेता कुमारी, गुड्डू राम, ज्योति कुमारी, खुशबू कुमारी घायल हो गये. घायलों को लेकर इलाज के लिए कुचायकोट अस्पताल में भरती कराया गया है.
इनकी हुई मौत
कुचायकोट के पहाड़पुर छांगुर में ताड़ी उतारने के लिए ताड़ पर श्याम सुंदर चढ़े थे, तभी भूकंप का झटका आ गया और वह पेड़ से गिर गये.
आसपास के लोगों ने इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. वहीं, मांझा प्रखंड के उमर मठिया गांव में स्व रामायण यादव की पत्नी मरछिया देवी की मौत सदमे के कारण हो गयी. इधर, बरौली प्रखंड के बतरदेह गांव के विक्रमा पटेल की पत्नी किशोरी देवी (55) की हार्ट अटैक होने से मौत हो गयी.

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