28 करोड़ धरती निगल गयी या आसमान खा गया

28 करोड़ धरती निगल गयी या आसमान खा गया किसानों को न फसल क्षतिपूर्ति मिली और न डीजल सब्सिडीबीज अनुदान भी नहीं पहुंचा खाते मेंविभाग कर रहा वितरण का दावाप्रकृति का दंश झेल रहे किसानों के दर्द पर मरहम लगाने के लिए राज्य सरकार द्वारा 23 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दी गयी. सूखे से निबटने […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

28 करोड़ धरती निगल गयी या आसमान खा गया किसानों को न फसल क्षतिपूर्ति मिली और न डीजल सब्सिडीबीज अनुदान भी नहीं पहुंचा खाते मेंविभाग कर रहा वितरण का दावाप्रकृति का दंश झेल रहे किसानों के दर्द पर मरहम लगाने के लिए राज्य सरकार द्वारा 23 करोड़ रुपये की क्षतिपूर्ति दी गयी. सूखे से निबटने के लिए पांच करोड़ की डीजल सब्सिडी भी बांट दी गयी. कृषि विभाग अनुदान वितरण का दावा कर रहा है. उधर, किसान उन पैसों के लिए कार्यालयों की खाक छान रहे हैं. आखिर इन पैसों का हुआ क्या? यह सवाल जिले में आंदोलन का रूप ले रहा है.गोपालगंज. 28 करोड़ रुपये धरती निगल गयी या आसमान खा गया. एक तरफ कृषि विभाग कृषि अनुदान वितरण का दावा कर रहा है, तो दूसरी तरफ प्रखंड कार्यालय और बैंकों का चक्कर काटते-काटते किसानों की चप्पलें घिस गयी हैं. मार्च, 2015 में बारिश द्वारा रबी फसल में मचायी गयी तबाही के बाद जिले के किसानों को फसल क्षतिपूर्ति के लिए 23.86 करोड़ के अनुदान का आवंटन मिला. खरीफ फसल के समय बारिश नहीं होने के कारण डीजल सब्सिडी के रूप में 5.11 करोड़ की राशि जिले को आवंटित हुई. विभाग ने सभी राशि बांट कर अपनी जिम्मेवारी समाप्त कर ली है, लेकिन किसान दौड़ लगा रहे हैं. बैकुंठपुर में किसानों ने किया था उग्र प्रदर्शनडीजल अनुदान, फसल क्षतिपूर्ति और रबी बीज अनुदान के लिए बैकुंठपुर में किसानों ने उग्र प्रदर्शन किया. यहां अधिकतर किसानों को राशि का भुगतान हीं नहीं किया गया है. बरौली, मांझा और थावे की भी स्थिति अच्छी नहीं है. थावे में तो विभाग ने चयन सूची ही नहीं भेजी थी. वहीं मांझा में भैंसही, निमुइया सहित तीन पंचायतों के 671 किसानों के आवेदन अभी तक स्वीकृत नहीं किये गये हैं. इसके लिए धरना और प्रदर्शन का दौर जारी है. एक नजर में डीजल सब्सिडी और क्षतिपूर्ति अनुदानफसल क्षतिपूर्तिकुल प्राप्त आवेदन – 1.12 लाखकुल प्राप्त आवंटन-23.86 करोड़कुल वितरित राशि – 23 करोड़, 59 हजारलाभुकों की संख्या – 79823फसल क्षतिवाली भूमि का रकबा- 18878.6 हेधरातल पर लाभ – 55 फीसदीडीजल सब्सिडीकुल प्राप्त आवेदन – 96137चयनित लाभुकों की संख्या-77610कुल प्राप्त आवंटन-5.11 करोड़राशि प्राप्त करनेवाले किसानों की वास्तविक संख्या- 55 फीसदी (किसानों के अनुसार)क्या कहता है विभाग मेरे यहां से राशि ससमय भेज दी गयी. बहुत किसानों की राशि बैंकों की लापरवाही से नहीं मिली है. इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की गयी है. जल्द ही राशि किसानों के खाते में होगी. डाॅ वेदनारायण सिंह, डीएओ, गोपालगंज 14 किसान सलाहकार और 8 समन्वयकों को अल्टीमेटमकृषि विभाग ने बैठक में दिया कड़ा निर्देशलक्ष्य नहीं पूरा हुआ, तो किये जायेंगे चयनमुक्तरविवार तक किसानों को परमिट पहुंचाने का निर्देशगोपालगंज. जिला कृषि पदाधिकारी डाॅ वेदनारायण सिंह ने 14 किसान सलाहकार और 8 समन्वयकों को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि अगर वे 31 दिसंबर तक अपना लक्ष्य पूरा नहीं करते हैं, तो उन्हें चयनमुक्त कर दिया जायेगा. ये वे कृषि कर्मी हैं, जो जिले में अपने कार्यकलाप में घोर लापरवाही बरते हैं. कृषि विभाग द्वारा आहुत बैठक में रबी अभियान की समीक्षा की गयी, वहीं 23-24 दिसंबर को लगनेवाले कृषि मेले के लिए विशेष जिम्मेवारी दी गयी. कृषि पदाधिकारी ने बताया कि यंत्र खरीदारी के लिए 14 हजार से अधिक किसानों ने आवेदन किया है, जिनमें सात हजार किसानों को परमिट देना है. सभी कृषि समन्वयकों को आदेश दिया गया है कि रविवार तक हर हाल में किसानों तक परमिट को वे पहुंचा देें, ताकि किसान तैयारी कर समय से मेले मे पहुंच कर खरीदारी कर सकें. इसके अलावा सभी समन्वयकों, कृषि सलाहकारों को उनको मिले लक्ष्य एवं जिम्मेवारी को हर हाल में 30 दिसंबर तक पूरा करने का निर्देश दिया गया है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

👤 By Prabhat Khabar Digital Desk

Prabhat Khabar Digital Desk

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >