कब तक चलेगा अवैध नर्सिंग होम!
कब तक चलेगा अवैध नर्सिंग होम! सेहस से खिलवाड़: महज 32 नर्सिंग होमों ने कराया स्वास्थ्य विभाग से रजिस्ट्रेशन 90 फीसदी नर्सिंग होम उड़ा रहे विभाग के नियमों की धज्जियां जिले में लगभग 396 छोटे-बड़े नर्सिंग होम या ऑपरेशन क्लिनिक हैं संचालित फोटो न. कार्टून की तसवीर लगाना हैलोगों को स्वस्थ रखने के लिए स्वास्थ्य […]
कब तक चलेगा अवैध नर्सिंग होम! सेहस से खिलवाड़: महज 32 नर्सिंग होमों ने कराया स्वास्थ्य विभाग से रजिस्ट्रेशन 90 फीसदी नर्सिंग होम उड़ा रहे विभाग के नियमों की धज्जियां जिले में लगभग 396 छोटे-बड़े नर्सिंग होम या ऑपरेशन क्लिनिक हैं संचालित फोटो न. कार्टून की तसवीर लगाना हैलोगों को स्वस्थ रखने के लिए स्वास्थ्य विभाग काफी प्रयास कर रहा है. फिर भी वह सफल नहीं हो पा रहा है. इसके लिए लोगों को जागरूक होना होगा. बिना रजिस्ट्रेशनवाले नर्सिंग होम या क्लिनिक में इलाज कराने से परहेज करना पड़ेगा, तभी अवैध नर्सिंग होम या क्लिनिक पर शिकंजा कस सकेगा. साथ ही स्वास्थ्य विभाग को भी ऐसे नर्सिंग होमों की जांच समय-समय पर करके कार्रवाई करनी होगी. इससे उनमें कानून का भय बनेगा और लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध हो सकेगी. संवाददाता, गोपालगंज साहब, अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम कब तक चलेगा. ऐसे नर्सिंग होमों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है. जिले में बिना रजिस्ट्रेशन के दर्जनों नर्सिंग होम संचालित हैं. वैसे स्वास्थ्य विभाग ने सभी नर्सिंग होमों के लिए निबंधन कराना अनिवार्य कर दिया है. इस कारण नियमत: अब बिना निबंधन के नर्सिंग होम का संचालन नहीं किया जा सकता है. इसके लिए नियम-कानून और अनिवार्य शर्त का पालन करना आवश्यक है. लेकिन, जिले में संचालित अधिकतर नर्सिंग होमों में स्वास्थ्य विभाग के नियमों का पालन नहीं हो पा रहा है. यहां सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा. कई नर्सिंग होम ऐसे भी हैं, जहां ओटी रूम नहीं है, लेकिन नर्सिंग होम का बोर्ड लगा कर हर दिन मरीजों की जान से खेला जाता है. पिछले से जारी हुआ था नोटिसस्वास्थ्य विभाग ने नर्सिंग होम के रजिस्ट्रेशन के लिए वर्ष 2014 के सितंबर में नोटिस जारी किया था. इसके बाद नर्सिंग होम संचालकों ने निबंधन के लिए अपना आवेदन दिया. उनमें से मात्र 32 संचालकों का निबंधन कराया गया. अन्य में खामियां पायी गयीं. मानक के अनुरूप नहीं होने पर रजिस्ट्रेशन नहीं हो सका. वैसे जिले में लगभग छोटे-बड़े 396 नर्सिंग होम या ऑपरेशन क्लिनिक संचालित हैं, जो पूरी तरह से अवैध हैं. नियमावली में क्या है मापदंड 30 बेडों की क्षमता वाले अस्पताल के लिए 9696 वर्ग फुट जमीन 30 बेडों से अधिक क्षमता वाले अस्पताल के लिए 12961.8 वर्ग फुट जमीन 60 बेडों से अधिक क्षमता वाले अस्पताल के लिए 16145 वर्ग फुट जमीन अस्पताल में ऑपरेशन थियेटर सेंट्रल एसी होना चाहिए ओटी में विंडो या एस्पलीट एसी नहीं लगाया जा सकता ओटी में सीओटू की देखरेख की व्यवस्था होनी चाहिए 24 घंटे आकस्मिक सेवा होना अनिवार्य है आकस्मिक सेवा में मरीज को मल्टी स्पेशलिस्ट उपलब्ध कराना आवश्यक मरीज को बेहतर ढंग से रेफर की व्यवस्था प्रत्येक विभाग के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर होना चाहिए निबंधन में क्या है अनिवार्य डॉक्टर की डिग्री होना अनिवार्य स्वास्थ्यकर्मी को डिग्री होना आवश्यक इलाज के शुल्क की सूची लगाना स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था करना 24 घंटे बिजली आपूर्ति की व्यवस्था कचरा प्रबंधन का समुचित प्रबंध फोटो न. 1 पुरानाक्या कहते हैं सिविल सर्जन अवैध रूप से संचालित नर्सिंग होम के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. बिना रजिस्ट्रेशन के क्लिनिक नहीं संचालित होगा. मरीजों की जान से खिलाड़ किसी भी कीमत पर बरदाश्त नहीं की जायेगी. जल्द ही टीम का गठन कर छापेमारी की जायेगी. साथ ही वैसे नर्सिंग होम, जिन्होंने अब तक निबंधन नहीं कराया, उन पर कार्रवाई की जायेगी.डॉ मधेश्वर प्रसाद शर्मा
