छात्रों-शक्षिकों के प्रदर्शन पर अधिकारियों की होगी परीक्षा

छात्रों-शिक्षकों के प्रदर्शन पर अधिकारियों की होगी परीक्षा फरवरी से छात्रों व शिक्षकों का हर माह होगा एसेसमेंट, इसी आधार पर जिलों व अधिकारियों की होगी रैंकिंगशिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए शिक्षा विभाग की तैयारीप्राथमिक शिक्षा निदेशालय को इंडीकेटर्स तैयार करने का निर्देशएसेसमेंट के लिए जिला और प्रखंड शिक्षा अधिकारी स्कूलों का निरीक्षण […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

छात्रों-शिक्षकों के प्रदर्शन पर अधिकारियों की होगी परीक्षा फरवरी से छात्रों व शिक्षकों का हर माह होगा एसेसमेंट, इसी आधार पर जिलों व अधिकारियों की होगी रैंकिंगशिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए शिक्षा विभाग की तैयारीप्राथमिक शिक्षा निदेशालय को इंडीकेटर्स तैयार करने का निर्देशएसेसमेंट के लिए जिला और प्रखंड शिक्षा अधिकारी स्कूलों का निरीक्षण करेंगेरैंकिंग पर वेतनवृद्धि व अन्य सुविधाएंरैंकिंग में अव्वल आनेवाले पांच जिलों को जहां सम्मानित किया जायेगा, वहीं जिस जिले व अधिकारियों की रैंकिंग सही नहीं होगी, उनकी जिम्मेदारी तय की जायेगी. रैंकिंग के आधार पर ही अधिकारियों की वेतन बढ़ोतरी और अन्य सुविधाएं भी उन्हें दी जायेंगी. संवाददाता, पटनाराज्य के प्राइमरी से प्लस टू स्कूल तक के बच्चों और शिक्षकों का फरवरी से हर महीने एसेसमेंट (मूल्यांकन) किया जायेगा. इसी आधार पर सभी जिलों और वहां के जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी व प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों की रैंकिंग की जायेगी. शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव डाॅ डीएस गंगवार ने प्राथमिक शिक्षा निदेशालय को इसके इंडिकेटर्स (मानक) तैयार करने का निर्देश दिया है. शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए विभाग यह पहल करने जा रहा है. स्कूली बच्चों के एसेसमेंट के लिए मुख्य रूप से जिला और प्रखंड के शिक्षा अधिकारी स्कूलों का निरीक्षण करेंगे. अधिकारी बच्चों और शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, समय पर क्लास हो रही है या नहीं, बच्चों को जो पढ़ाया जा रहा है और उससे वे कितना सीख पा रहे हैं, इसका पता लगाया जायेगा. लगातार निरीक्षण से यह भी साफ हो जायेगा कि कितने बच्चे नियमित स्कूल आते हैं और कितने बच्चों का नामांकन फर्जी है. निरीक्षण के दौरान स्कूलों से बिना सूचना के गायब रहने वाले शिक्षकों पर भी कार्रवाई होगी. साथ ही बच्चों से शिक्षकों के बारे में भी फीडबैक लिया जायेगा. स्कूलों के लगातार निरीक्षण के आधार पर शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार पर सभी जिलों व उनके अधिकारियों की रैंकिंग की जायेगी. इसकी समीक्षा राज्य स्तर पर डीइओ-डीपीओ की होनेवाली हर बैठक में की जायेगी. रैंकिंग में अव्वल आनेवाले पांच जिलों जहां सम्मानित किया जायेगा. वहीं, जिस जिले व अधिकारियों की रैंकिंग सही नहीं होगी, उनकी जिम्मेदारी तय की जायेगी. रैंकिंग के आधार पर ही अधिकारियों की वेतन बढ़ोतरी और अन्य सुविधाएं भी उन्हें दी जायेंगी. शिक्षा विभाग ने प्राथमिक शिक्षा निदेशालय को इसके लिए जल्द-से-जल्द प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया है. शिक्षा मंत्री अशोक चौधरी ने पूर्व में ही कह चुके हैं कि जो शिक्षक बच्चों को पढ़ाने में सक्षम नहीं होंगे, उन्हें शिक्षा के दूसरे काम में लिया जायेगा. प्वाइंटर :-स्कूल संख्या शिक्षक छात्र-छात्राएंप्रारंभिक 72,877 3.84 लाख 2.21 करोड़हाइ व प्लस टू 5,391 करीब 45 हजार करीब 50 लाख

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