प्राधिकार का आदेश नहीं मानते मुखिया व पंचायत सचिव गोपालगंज. प्राधिकार के आदेश को मुखिया एवं पंचायत सचिव नहीं मानते. शिक्षक को नियुक्ति पत्र देने के नाम पर डेढ़ लाख की रकम मांग रहे हैं. पीड़ित ने सीजेएम कोर्ट में मामला दर्ज कराते हुए न्याय की गुहार लगायी है. कोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया तथा प्राथमिकी दर्ज कर गहराई से जांच करने का आदेश दिया. मांझागढ़ थाना क्षेत्र के आलापुर गांव के निवासी विनय कुमार तिवारी की नियुक्ति 1 जुलाई, 2006 को सिपाह खास में हुई थी. लगातार काम करते रहे. किसी कारण से इनके वेतन का भुगतान नहीं हो सका. इसको लेकर शिक्षा विभाग से लेकर प्राधिकार तक गुहार लगायी गयी थी. पंचायत द्वारा भुगतान करना तो दूर उन्हें शिक्षक भी नहीं मानता था. इधर, प्राधिकार 2014 में नियोजन इकाई को स्पष्ट आदेश दिया गया कि पूर्व के भुगतान तथा योगदान करा लें, लेकिन नियोजन इकाई इसे नहीं मान रही है. योगदान कराने के लिए डेढ़ लाख रुपये की मांग कर रही है. शिक्षक ने छितौली पंचायत राज सिपाह खास की मुखिया हसबुन नेशा तथा पंचायत सचिव रामज्ञानी राम एवं एक अन्य को आरोपित बनाते हुए न्याय की अपील की थी.
प्राधिकार का आदेश नहीं मानते मुखिया व पंचायत सचिव
प्राधिकार का आदेश नहीं मानते मुखिया व पंचायत सचिव गोपालगंज. प्राधिकार के आदेश को मुखिया एवं पंचायत सचिव नहीं मानते. शिक्षक को नियुक्ति पत्र देने के नाम पर डेढ़ लाख की रकम मांग रहे हैं. पीड़ित ने सीजेएम कोर्ट में मामला दर्ज कराते हुए न्याय की गुहार लगायी है. कोर्ट ने इसे गंभीरता से लिया […]
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