क्षतग्रिस्त वीरपुर-सुपौल कोसी नहर की सफाई में आधिकारियों का छूटा पसीना
क्षतिग्रस्त वीरपुर-सुपौल कोसी नहर की सफाई में आधिकारियों का छूटा पसीना पटना़ दो वर्ष पूर्व की बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुई वीरपुर-सुपौल कोसी मुख्य नहर के स्क्रैप व अन्य सामान की साफ-सफाई कराने में जल संसाधन विभाग के आधिकारियों का पसीना छूट गया. क्षतिग्रस्त नहर का मलबा हटाने में विभाग को डेढ़ वर्ष लग गये. क्षतिग्रस्त […]
क्षतिग्रस्त वीरपुर-सुपौल कोसी नहर की सफाई में आधिकारियों का छूटा पसीना पटना़ दो वर्ष पूर्व की बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुई वीरपुर-सुपौल कोसी मुख्य नहर के स्क्रैप व अन्य सामान की साफ-सफाई कराने में जल संसाधन विभाग के आधिकारियों का पसीना छूट गया. क्षतिग्रस्त नहर का मलबा हटाने में विभाग को डेढ़ वर्ष लग गये. क्षतिग्रस्त मलबों को तो मुख्य नहर के आसपास से हटा तो दिया गया, किंतु नहर के जीर्णोद्धार-कार्य कराने में मलबों का ढेर आरे आ रहा है. वीरपुर-सुपौल कोसी मुख्य नहर के जीर्णोद्धार का काम 26 जनवरी के बाद शुरू होना है. इस संकट से उबरने के लिए विभाग ने अब मलबों और स्क्रैपों की नीलामी कराने का निर्णय लिया है. वीरपुर-सुपौल के कार्यपालक अभियंता ने मलबों व स्क्रैपों की तीन चरणों में नीलामी कराने का निर्णय लिया है. उन्होंने हर हाल में मलबों व स्क्रैपों की 28 जनवरी तक नीलामी कराने का निर्देश डिवीजनल अधिकारियों को दिया है. विभागीय सूत्रों के अनुसार नीलामी से विभाग को कम-से-कम 15 लाख की आय होने की उम्मीद है. नीलामी से जहां वीरपुर-सुपौल कोसी मुख्य नहर के जीर्णोद्धार का काम कराने का रास्ता खुलेगा, वहीं मलबों व स्क्रैपों की वजह से जाम जगह भी खाली हो जायेगी.
