परेशानी . मुख्य सड़क पर जमा रहता है सालों भर पानी, नप नहीं कर पा रहा नालों की सफाई
मीरगंज शहर की गंदगी और बदबू इन दिनों पहचान बन गयी है. यहां मुख्य सड़क पर सालों भर पानी जमा रहने से लोगों का पल भर रहना मुश्किल है. पानी में सड़नेवाले कचरे ने जीना दूभर कर दिया है. इस नरक से मीरगंज के लोग कुप्रभावित हैं.
उचकागांव : वैसे तो मीरगंज नगर कई मायनों में अपना अलग पहचान रखता है. मीरगंज का अपना ऐतिहासिक महत्व है. आज मीरगंज के विकास पर शायद किसी की नजर लग गयी है. मीरगंज की पहचान सड़कों पर बजबजाती गंदगी व दुर्गंध बन गयी है. नगर पंचायत को मीरगंज की इस दुर्दशा पर कोई चिंता नहीं है.
सड़क पर आये दिन दुर्घटना हो रही है. पानी जमा होने से लोगों का कपड़ा बरबाद होता है. लोग अपने भाग्य को कोसते हुए लौट जाते हैं. नगर पंचायत के पास सरकारी अमला होने के बाद भी इस नरक से निबटने की कोई तैयारी नहीं है. मॉनसून के पहले यह हालत है तो मॉनसून में तो शायद मीरगंज को डूबो देने की तैयारी नगर पंचायत ने कर रखी है. हथुआ मोड़ पर लगे इस कचरे के अंबार को देखिए,
तो इसमें से निकलनेवाली दुर्गंध ने दुकानदारों का धंधा चौपट कर दिया है. यहां जल्दी कोई ग्राहक रुकने का नाम नहीं लेते हैं. इससे दर्जनों दुकानदारों को रोटी का संकट उत्पन्न हो गया है.
वार्डों में नहीं होती सफाई
मीरगंज की मुख्य सड़क को छोड़ दें, तो वार्डों में भी सफाई का आलम चिंतनीय है. वार्ड में बहनेवाला नाला प्लास्टिक से भरा पड़ा है. नालियों का पानी वार्ड की सड़कों पर बहता है, जिससे वार्ड में कई गंभीर बीमारियों का सामना लोगों को करना पड़ रहा है. वार्ड में सफाई नहीं होने से मुश्किल लगातार बढ़ता जा रहा है.
मीरगंज की आबादी – 56 हजार
कुल वार्डों की संख्या – 16
कुल घरों की संख्या – 6814
कुल सफाईकर्मियों की संख्या – 03
जेसीबी मशीन – 1
ट्रैक्टर – 03
क्या कहते हैं अधिकारी
15-21 जून तक प्रत्येक घर का सर्वे होना है. सर्वे के बाद प्लान बना कर मीरगंज की सफाई की व्यवस्था की जायेगी. संसाधन की कमी है. इसके बाद भी लोगों का सहयोग मिला, तो बेहतर सफाई होगी.
कुमकुम श्रीवास्तव, कार्यपालक पदाधिकारी, मीरगंज