शुभ लग्न देवोत्थान एकादशी से गूंजेगी शहनाई, 16 नवंबर से शुरू होगा विवाह मुहूर्त

गोपालगंज : उन युवाओंं के लिए नवंबर का महीना खुशियां देगा, जो अब तक कुंवारे हैं. गोधन पूजा के साथ मांगलिक कार्य जहां शुरू हो गये, वहीं देवोत्थान एकादशी से शहनाई गूंजने लगेगी. इस बार एकादशी 10 नवंबर को है. दूल्हों के माथे पर सेहरा बंधेगा और बैंड-बाजों की धुन सुनाई देगी. बस थोड़ा-सा इंतजार […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 2, 2016 12:58 AM

गोपालगंज : उन युवाओंं के लिए नवंबर का महीना खुशियां देगा, जो अब तक कुंवारे हैं. गोधन पूजा के साथ मांगलिक कार्य जहां शुरू हो गये, वहीं देवोत्थान एकादशी से शहनाई गूंजने लगेगी. इस बार एकादशी 10 नवंबर को है. दूल्हों के माथे पर सेहरा बंधेगा और बैंड-बाजों की धुन सुनाई देगी. बस थोड़ा-सा इंतजार कीजिए.

हालांकि गोधन पूजा के साथ ही वर तलाशने और शादी-विवाह का दिन तय करने का कार्य शुरू हो गया. पंडित चंद्रकिशोर मणि त्रिपाठी ने बताया कि कार्तिक शुदी एकादशी को प्रबोधिनी एकादशी या देवोत्थान एकादशी के रूप में जाना जाता है. इस दिन भगवान अपनी शयन से उठते हैं. इस दिन के बाद वृ›क का सूर्य होने के साथ ही विवाह आदि का मुहूर्त शुरू हो जाता है. इस वर्ष विवाह मुहूर्त 16 नवंबर से शुरू हो रहा है. खुशखबरी यह है कि इस वर्ष लगन एवं विवाह मुहूर्त काफी हैं.

नवंबर : 16,21,23,24,
दिसंबर : 1,3,8,9,13,14,
खरमास : 15 दिसंबर से 15 जनवरी तक
जनवरी 2017 : 17, 18, 20, 22
फरवरी : 1, 5, 6, 7, 16, 17,18, 19, 20, 21, 23, 28
मार्च : 1, 5, 6 ,10
खरमास शुरू : 15 मार्च से 15 अप्रैल तक
तिलक मुहूर्त एक नजर में
नवंबर 2016 : 22,25
दिसंबर 2016 :2,7
जनवरी 2017 : 12, 16,
फरवरी 2017 : 15,22,27
गृह प्रवेश –
नवंबर : 2016-10,11,12,23,24,26
दिसंबर : 2016- 8,9,24,25,
जनवरी : 2017-7,23,
फरवरी : 2017- 6,23
मार्च : 2017- 4 मार्च
उपनयन संस्कार
जनवरी 2017- 16 जनवरी
फरवरी 2017-6,8,12,13,15
इस बार चैत कृष्ण पक्ष में उपनयन संस्कार का मुहूर्त नहीं है.