ठेंगपुर गांव में पुलिस लगातार कर रही कैंप

गोपालगंज : जिले के कुचायकोट के थानेदार महेंद्र कुमार और महमदपुर थानेदार मुन्ना कुमार पर ठेंगपुर गांव में मंगलवार की दोपहर हुए जानलेवा हमला के बाद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए जिला पुलिस लगातार कैंप कर रही है. घटना के बाद से आरोपित अजय राय और उनके पड़ोसी घर छोड़कर फरार हो गये हैं. वहीं […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 12, 2017 4:59 AM

गोपालगंज : जिले के कुचायकोट के थानेदार महेंद्र कुमार और महमदपुर थानेदार मुन्ना कुमार पर ठेंगपुर गांव में मंगलवार की दोपहर हुए जानलेवा हमला के बाद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए जिला पुलिस लगातार कैंप कर रही है. घटना के बाद से आरोपित अजय राय और उनके पड़ोसी घर छोड़कर फरार हो गये हैं. वहीं गांव के लोग घटना के बाद काफी भयभीत है. वे इस मामले को लेकर कुछ भी बोलने से परहेज कर रहे हैं.

एसएसपी के नेतृत्व में चल रही छापेमारी : शराब माफियाओं की गिरफ्तारी को लेकर छापेमारी करने गयी पुलिस टीम पर हमले में शामिल आरोपितों को गिरफ्तारी को लेकर एएसपी विवेक कुमार ने विशेष टीम का गठन किया है. कई स्थानों पर वरीय पुलिस अधिकारियों के नेतृत्व में छापेमारी चल रही है. छापेमारी टीम की मॉनीटरिंग एसएसपी विवेक कुमार कर रहे हैं.
छापेमारी में शामिल थे तुलसी राय, देखते ही भड़के थे लोग :गोपालगंज पुलिस पर पारू के ठेंगपुर में छापेमारी के दौरान हमले के बाद बुधवार को साहेबगंज के पूर्व विधायक राज कुमार सिंह राजू गांव का दौरा किया. इसके बाद गोपालगंज के कुचायकोट थानाध्यक्ष महेंद्र कुमार व महमदपुर थानाध्यक्ष मुन्ना कुमार पर जानलेवा हमला मामले में एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा, तुलसी राय ने सरैया के पूर्व डीएसपी मनोज कुमार की मिलीभगत से उसे शराब माफिया बनाकर अपराध की दुनिया में धकेल दिया. अजय राय व तुलसी राय दोनों के बीच पूर्व से जमीनी विवाद का केस चल रहा है. इसी का बदला लेने के लिए बंधक बैंक कर्मी से लूट कांड में अजय का नाम फंसा दिया. जांच प्रतिवेदन में तत्कालीन डीएसपी मनोज कुमार ने आरोप को सत्य करार दिया.
वही, पूर्व डीएसपी गोपालगंज जिले में एसडीपीओ के पद तैनात हैं. फिर एक साजिश के तहत शराब कारोबार में अजय राय का नाम जोड़ दिया गया है. कुचायकोट थानेदार महेंद्र कुमार व महमदपुर के थानेदार मुन्ना कुमार इसी सिलसिले में तुलसी राय के साथ छापेमारी करने के लिए आये थे. उनकी गाड़ी में तुलसी राय सवार था. अजय राय को जैसे ही देखा उस पर टूट पड़ा.
इसके बाद ग्रामीणों ने भी आत्मरक्षा के लिए अपनी कार्रवाई शुरू कर दी. पुलिस एक सामान्य आदमी को अपराधी कैसे बना रही है. यह सबसे ज्वलंत उदाहरण है.
पूरी जानकारी से यहां के सभी वरीय अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है. न्याय नहीं मिला तो अब आंदोलन होगा.