छापेमारी करने गयी पुलिस पर हमला, दो गिरफ्तार

मीरगंज में कारोबारी से हुई लूट के बाद छापेमारी करने गयी थी पुलिस... उचकागांव : स्थानीय थाने के बरगछिया गांव में छापेमारी करने गयी पुलिस पर जानलेवा हमला किया गया है. घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस सूत्रों के अनुसार उचकागांव थाने के पुलिस […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | May 1, 2017 12:59 AM

मीरगंज में कारोबारी से हुई लूट के बाद छापेमारी करने गयी थी पुलिस

उचकागांव : स्थानीय थाने के बरगछिया गांव में छापेमारी करने गयी पुलिस पर जानलेवा हमला किया गया है. घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस सूत्रों के अनुसार उचकागांव थाने के पुलिस मीरगंज थाना क्षेत्र के बड़कागांव के समीप व्यवसायी से हुए तीन लाख रुपये लूटकांड के बाद अपराधियों की तलाश में छापेमारी करने पहुंची थी. थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पहुंची पुलिस ने बरगछिया में एक संदिग्ध के घर छापेमारी की.
पुलिस जैसे ही आरोपित सेराजुल हक उर्फ पिंटू के घर पहुंची तथा उसके गाड़ी के कागजात मांगे, तो आसपास की महिलाएं इकट्ठा हो गयीं. महिलाओं ने बिना कुछ समझे पुलिस पर हमला कर दिया. बाद में स्थिति को बिगड़ते देख पुलिस को भाग कर जान बचानी पड़ी. वहीं, थानाध्यक्ष अनिल कुमार ने वरीय पदाधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी दी. वरीय पदाधिकारियों के निर्देश पर फुलवरिया थानाध्यक्ष सुरेश कुमार, मीरगंज थानाध्यक्ष बीपी आलोक सहित कई थानों की पुलिस को बुलाया गया.
पुलिस ने रात में ही कार्रवाई करते हुए बरगछिया गांव के मजहरूल हक उर्फ पप्पू तथा मनउर हुसैन को गिरफ्तार किया. साथ ही संदेहास्पद बाइक को भी जब्त किया गया. इधर, घटना को लेकर थानाध्यक्ष अनिल कुमार ने बरगछिया गांव के सेराजुल हक उर्फ पिंटू, किस्मत मियां, मनउर हुसैन, सबनम खातून, रानी खातून, सैबुन नेशा सहित 20 लोग के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है. पुलिस ने कांड अंकित करने के बाद आरोपितों की तलाश में छापेमारी तेज कर दी है. वहीं, पुलिस की कार्रवाई से अधिकतर आरोपित गांव छोड़कर फरार हैं.
पहले भी पुलिस पर हो चुका है हमला
हथुआ अनुमंडल में पुलिस पर हमला पहले भी हो चुका है. हथुआ थाने की पुलिस पर पिछले माह दो बार हमला हुआ था. पुलिस पर अधिकतर हमले रात में ही हुए हैं. पावर सब स्टेशन पर हथुआ थाने के सिपाही को गोली मारी गयी थी. इसके एक सप्ताह बाद आरोपितों को गिरफ्तार करने गयी पुलिस पर पथराव किया गया था, जिसमें सब इंस्पेक्टर सहित आधा दर्जन पुलिस घायल हुए थे.