17.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

ब्लड की खरीद-फरोख्त के धंधे के खिलाफ प्रशासन ने की कार्रवाई

शहर में ब्लड की खरीद-फरोख्त के गोरख धंधे पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. सदर अस्पताल के सामने महीनों से चल रहे इस तरह के अवैध धंधे के खिलाफ प्रशासन ने छापेमारी कर ब्लड बैंक की जांच की.

गोपालगंज. शहर में ब्लड की खरीद-फरोख्त के गोरखधंधे पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है. सदर अस्पताल के सामने महीनों से चल रहे इस तरह के अवैध धंधे के खिलाफ प्रशासन ने छापेमारी कर ब्लड बैंक की जांच की. पुलिस ने इस मामले में पूजा पैथोलॉजी केंद्र से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया. मौके पर एक यूनिट ब्लड जब्त किया गया था. वहीं, पैथोलॉजी लैब को मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में प्रशासन ने सील कर दिया. ब्लड की खरीद-फरोख्त में वहां के डॉक्टर की भूमिका की जांच हो रही. आखिर अस्पताल के गेट पर क्लिनिक व पैथोलॉजी जांच केंद्र कब से अवैध ढंग से चल रहा था, इन तमाम बिंदु पर जांच चल रही है. बता दें कि आठ से 10 हजार रुपये में ब्लड बेचने की सूचना थी. सदर एसडीएम डॉ प्रदीप कुमार को इसकी गुप्त सूचना मिली. एसडीएम ने तुरंत सदर सीओ गुलाम सरवर, नगर इंस्पेक्टर ओमप्रकाश चौहान को छापेमारी के लिए भेज दिया. इधर, सिविल सर्जन डॉ बीरेंद्र प्रसाद ने सदर प्रखंड के चिकित्सा प्रभारी पदाधिकारी डॉ अरुण कुमार अविनाश, ड्रग इंस्पेक्टर अभय शंकर के साथ अन्य टीम को भेजकर जांच करायी. जांच के दौरान पैथोलॉजी, क्लिनिक और ब्लड अवैध पाया गया. मामले में प्राथमिकी दर्ज कर गिरफ्तार कर्मी को जेल भेज दिया गया. प्रशासन की टीम जब पूजा पैथोलॉजी केंद्र पर ब्लड की खरीद-फरोख्त की सूचना पर छापेमारी करने पहुंची, तो वहां मौजूद एक डॉक्टर ने टीम को धमकाते हुए छापेमारी टीम को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन प्रशासन ने ब्लैक में मंगाकर रखे गये ब्लड को जब्त कर लिया और कथित डॉक्टर की डिग्री व क्लिनिक की जांच के लिए सिविल सर्जन डॉ बीरेंद्र प्रसाद को सूचित कर एक और टीम बुला ली. इस बीच कथित डॉक्टर वहां से चकमा देकर फरार हो गया. शहर में ब्लड की खरीद-बिक्री करने का रैकेट सक्रिय है. यह रैकेट महीनों से लाल खून का काला धंधा करते आ रहा है. एक निजी क्लिनिक के कर्मी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि ज्यादातर नशा करनेवाले युवक आते हैं और तीन से पांच हजार रुपये में ब्लड डोनेट कर चले जाते हैं और उस ब्लड को पैथोलॉजी जांच केंद्र या निजी क्लिनिक के कथित चिकित्सक 8 से 10 हजार रुपये में बेच देते हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

Prabhat Khabar News Desk
Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel