41 डिग्री पर पहुंचा पारा, तन और मन को झुलसा रही है चिलचिलाती धूप व उमस वाली गर्मी

इन दिनों भीषण गर्मी से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है. सुबह 10 बजते ही सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है. आदमी के साथ भीषण गर्मी में जानवर भी बेहाल है. जानवर प्यास बुझाने के लिए पानी की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आते हैं. चिलचिलाती धूप से जनजीवन काफी प्रभावित हो रहा है. कड़ी धूप की वजह से लोग घर से बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं.

By Prabhat Khabar News Desk | May 18, 2024 10:57 PM

हाजीपुर. इन दिनों भीषण गर्मी से आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है. सुबह 10 बजते ही सड़कों पर सन्नाटा छा जाता है. आदमी के साथ भीषण गर्मी में जानवर भी बेहाल है. जानवर प्यास बुझाने के लिए पानी की तलाश में इधर-उधर भटकते नजर आते हैं. चिलचिलाती धूप से जनजीवन काफी प्रभावित हो रहा है. कड़ी धूप की वजह से लोग घर से बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं. सुबह में धूप खिलने के का साथ ही आसमान से आग बरसने लगता है. जिसकी तपिश से लोग काफी परेशान रह रहे हैं. तापमान में लगातार हो रही वृद्धि ने लोगों को झुलसा दिया है. गर्मी ने प्रचंड रूप धारण कर लिया है. शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया. दिन के समय में चलने वाली लू ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है. गर्म हवाओं के कारण लोगों का शरीर झुलस रहा है. अति आवश्यक कार्य होने पर लोग शरीर अच्छी तरह से ढककर और नाक मुंह बांधकर घरों से निकलने को मजबूर है. गर्मी का प्रकोप बढ़ने के साथ ही दिन के समय शहर व गांव की सड़कें व गलियां सुनसान हो जाती है. गलियों में इक्का दुक्का लोग ही नजर आते हैं. भीषण गर्मी व तेज गति से चल रही गर्म हवाओं में सबसे अधिक परेशानी बाइक सवारों को होती है. ठंडा पेय पदार्थ की दुकानों पर उमड़ रही भीड़

जिले में बढ़ती गर्मी के कारण ठंडा पेय पदार्थ की दुकान पर भीड़ लग रही हैं. इन दिनों कच्चे आम, गन्ना की जूस, कोल्डड्रिंक आदि की बिक्री खूब बढ़ी है. लस्सी की दुकानों पर भी काफी भीड़ देखी जा रही है. इसके अलावा ठंडक पहुंचाने वाली तरबूज, खीरा, ककड़ी आदि की बिक्री भी खूब बढ़ गयी है. धूप और लू से बचने के लिए लोग इन पदार्थों का सेवन कर सूख रहे हलक का ठंडक पहुंचा रहे है. इसके अलावा बेल के शरबत से लोग अपने आप का बचाव कर रहे हैं.

सुबह सात बजे से ही रौद्र रूप दिखा रहे सूर्य देव

सुबह सात बजे से ही कड़ी धूप का असर शुरू हो जाता है. दिन चढ़ने के साथ ही सूर्य देव अपना रौद्र रूप दिखाने लगते हैं. 10- 11 बजते-बजते धरती तपने लगती हैं और धूप से शरीर जलने लगता हैं. ऐसे में लोग का घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है. इस कारण सड़क पर सन्नाटा पसरा रहता है. बाजार की चहल-पहल भी गायब हो जाती है. धूप और लू के कारण लोग शाम पांच बजे के बाद ही बाहर निकालना पसंद करते हैं.

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