इलाज के लिए रोज होंगे नये रजिस्ट्रेशन

निर्देश. अस्पताल प्रशासन के नये फरमान से बढ़ी मरीजों की परेशानी जहानाबाद नगर : सरकारी अस्पतालों में दवा की कमी के साथ ही अन्य सुविधाओं के अभाव का दंश झेल रहे मरीजों की परेशानी अब और बढ़ गयी है. सदर अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों को अब प्रतिदिन नया रजिस्ट्रेशन कराना होगा तभी […]

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निर्देश. अस्पताल प्रशासन के नये फरमान से बढ़ी मरीजों की परेशानी

जहानाबाद नगर : सरकारी अस्पतालों में दवा की कमी के साथ ही अन्य सुविधाओं के अभाव का दंश झेल रहे मरीजों की परेशानी अब और बढ़ गयी है. सदर अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीजों को अब प्रतिदिन नया रजिस्ट्रेशन कराना होगा तभी उनका इलाज हो पायेगा. इस संबंध में जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा जारी किये गये फरमान के बाद अब रजिस्ट्रेशन काउंटर पर मरीजों की भारी भीड़ लगने लगा है. वहीं इलाज से पूर्व रजिस्ट्रेशन कराने के लिए मरीजों में अफरा-तफरी भी देखा जा रहा है.
पूर्व में एक रजिस्ट्रेशन पर मरीज कई दिन अपना इलाज करा लेते थे लेकिन अब डीएचएस के नये फरमान के बाद ऐसे मरीजों को अब प्रतिदिन इलाज कराने से पूर्व अपना नया रजिस्ट्रेशन कराना होगा. ऐसे में वैसे मरीजों को भी काफी परेशानी झेलनी होगी जिन्हें एक डॉक्टर उसके मर्ज के अनुरूप दूसरे डॉक्टर के पास रेफर करेंगे. ऐसे मरीज को भी संबंधित चिकित्सक से इलाज कराने के लिए नया रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा. स्वास्थ्य विभाग के नये फरमान से जहां मरीजों की परेशानी बढ़ी है
वहीं चिकित्सक व कर्मी भी नाराज दिख रहे है. रजिस्ट्रेशन काउंटर पर कर्मियों की कमी के कारण पूर्व से ही रजिस्ट्रेशन के लिए अफरा-तफरी मचा रहता था. अब जबकि सभी मरीजों को प्रतिदिन नया रजिस्ट्रेशन करवाना होगा तो ऐसे में मरीजों का भारी दबाव रजिस्ट्रेशन काउंटर पर बढ़ेगा.सरकारी अस्पतालों में दवा की कमी मरीजों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है. इंडोर तथा आउटडोर में पर्याप्त संख्या में दवा उपलब्ध नहीं रहने के कारण मरीजों को अपना मर्ज ठीक करने के लिए बाहर से दवा खरीदना पड़ रहा है. ऐसे में सरकारी अस्पताल में इलाज कराने आने वाले मरीज सरकार तथा अस्पताल प्रशासन को कोसते नजर आते है.
सदर अस्पताल में मरीजों की संख्या में दिनों दिन इजाफा होता जा रहा है. प्रतिदिन 600 से अधिक मरीजों का इलाज होता है लेकिन उनके लिए जरूरी सुविधाओं का अभाव है. अस्पताल में विगत चार माह से भुगतान के अभाव में एक्स-रे की सुविधा बंद है. वहीं पैथालॉजी लैब में प्रतिदिन सैकड़ों मरीजों का जांच होता है. ऐसे में जांच रिपोर्ट पर भी प्रश्न चिंह उठने लगा है कि आखिर निर्धारित समय में इतने संख्या में मरीजों का जांच कैसे संभव हो पाता है. सरकार द्वारा मरीजों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अक्सर नये फरमान जारी किये जाते है लेकिन अस्पताल प्रशासन के निष्क्रियता से मरीज इन सुविधाओं से वंचित रह जाते है.
दवा की कमी से भी परेशान है मरीज
परेशानी का कारण बन गया है नया फरमान
डीएचएस के नये फरमान परेशानी का कारण बन गया है. मरीजों को प्रतिदिन नया रजिस्ट्रेशन कराने के फरमान से उनकी परेशानी बढ़ गयी है. अस्पताल में दवा की कुछ कमी है लेकिन दवा खरीद की प्रक्रिया आरंभ हो गयी है. शीघ्र ही दवा की आपूर्ति संभव हो पाएगा
डॉ ब्रज भूषण प्रसाद
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