जहानाबाद : नगर पर्षद क्षेत्र में पर्षद की जमीन पर वर्षों से संचालित कई दुकानों के आवंटन में फर्जीवाड़ा किये जाने का मामला प्रकाश में आया है. अब तक एक दर्जन ऐसे मामले आये हैं, जिसमें दुकानदार के पास दुकान संख्या संबंधित नगरपालिका के टैक्स की पुरानी रसीद तो है, लेकिन पर्षद कार्यालय में उससे […]
ByPrabhat Khabar Digital Desk|
जहानाबाद : नगर पर्षद क्षेत्र में पर्षद की जमीन पर वर्षों से संचालित कई दुकानों के आवंटन में फर्जीवाड़ा किये जाने का मामला प्रकाश में आया है. अब तक एक दर्जन ऐसे मामले आये हैं, जिसमें दुकानदार के पास दुकान संख्या संबंधित नगरपालिका के टैक्स की पुरानी रसीद तो है, लेकिन पर्षद कार्यालय में उससे संबंधित कोई दस्तावेज या पूर्व में जमा की गयी म्यूनिसिपल टैक्स मद की राशि का कोई लेखा-जोखा नहीं है.
ऐसी हालत में कार्यपालक पदाधिकारी ने फिलहाल संदेहास्पद ऐसी दुकानों के टैक्स की अद्यतन रसीद निर्गत करने पर रोक लगा दी है. इस गंभीर मामले की जांच शुरू की गयी है. बताया गया है कि गहराई से जांच होने पर दुकानों के आवंटन में व्यापक पैमाने पर गड़बड़ी करने और म्यूनिसिपल टैक्स मद की बड़ी राशि का गबन किये जाने का खुलासा होगा.
यहां उल्लेखनीय है कि शहर के विभिन्न स्थानों पर नगर पर्षद की सैकड़ों दुकानें हैं, जिसमें सर्वाधिक दुकानों की संख्या सब्जी हाट एरिया में है. वर्षों से दुकानों का न तो सत्यापन कराया गया है. और न ही नये टैक्स का निर्धारण हुआ है. फर्जीवाड़ा किये जाने का मामला तब उभरा जब कुछ दुकानदारों ने पूर्व के नगरपालिका के द्वारा निर्गत म्यूनिसिपल टैक्स की रशीद लेकर आये और उसे अप-टू-डेट कराना चाहा. जब रेकॉर्ड खंगाला गया तो फिलहाल एक दर्जन ऐसे दुकानदारों के मामले उभरे जिनकी दुकानों से संबंधित कोई एग्रीमेंट पेपर कार्यालय में नहीं है. दुकानदारों द्वारा पूर्व के वर्षों में जमा की गयी टैक्स मद की राशि का लेखा-जोखा भी कार्यालय में नहीं है. दुकानदार नगर पर्षद के कार्यपालक पदाधिकारी के पास पुरानी रशीद दिखा उनकी दुकान रहने का दावा कर अद्यतन रशीद निर्गत करने का अनुरोध कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी द्वारा उसका छायाप्रति लेकर रशीद को अप-टू-डेट करने पर रोक लगाया गया है.
करीब 20 वर्षों से चल रहा है फर्जीवाड़ा
खबर के अनुसार करीब एक दर्जन वैसे दुकानदार पुरानी रशीद लेकर आये थे जो लगभग 20 वर्ष पुरानी है. सब्जी मंडी एरिया को विकसित करने की योजना है. हाट एरिया में तीन-चार मंजिला मार्केट कॉम्प्लेक्स बनाने की पहल हो रही है. हाट एरिया में सब्जी, फल, किराना, कपड़े,अनाज एवं नॉनवेज से संबंधित वस्तुओं की बिक्री की जाती है. 500 से अधिक दुकानों की संख्या है.
अब जब हाट एरिया को विकसित करने की योजना बनायी जा रही है तो इस स्थिति को भांपते हुए पुराने दुकानदार अभी से ही अपनी-अपनी दुकानों से संबंधित टैक्स का भुगतान करना चाह रहे है ताकि नवनिर्माण होने पर उन्हें मार्केट कॉम्प्लेक्स में व्यवसाय करने के लिए दुकानें आवंटित हो सके. पर्षद कार्यालय के कर्मी टैक्स रशीद को अद्यतन करने की कार्रवाई तो शुरू की लेकिन कार्यालय में कई दुकानों से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध नहीं रहने पर उनका माथा ठनका और नयी रशीद निर्गत करने पर रोक लगा दी गयी है. दुकानों के आवंटन और म्यूनिसिपल टैक्स के नाम पर बड़े पैमाने पर राशि का गबन किये जाने की प्रबल आशंका है जो जांच से स्पष्ट हो जायेगा.
जांच का दिया है आदेश
यह गंभीर मामला है. ऐसे मामले आने के बाद संबंधित दुकानदारों से पुरानी रशीद और दुकान से संबंधित दस्तावेज जमा करने को कहा गया है. नगर पर्षद कार्यालय में इसकी जांच के लिए एक फाइल खोली गयी है. एक-एक कर मामले की गहराई से जांच की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. साथ ही नगर पर्षद की सभी दुकानों का नये सिरे से सत्यापन कराया जा रहा है. फर्जीवाड़ा कर टैक्स मद के रुपयों का गबन करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जायेगी.
संजीव कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी
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