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बस में बिलबिलाते रहे विदेशी पर्यटक

जहानाबाद : बोधगया से पेरिस लौट रहे सैलानियों की टूरिस्ट बस जहानाबाद में बंद समर्थकों द्वारा रोक दी गयी. बस में सवार सभी 25 सैलानी फ्रांस (पेरिस ) के थे. मगध की धरती को नमन करने बोधगया पहुंचे सैलानियों को बिहार बंद की आहट तक नहीं थी. भ्रमण के बाद पटना एयरपोर्ट लौट रही बस […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | December 22, 2017 3:48 AM

जहानाबाद : बोधगया से पेरिस लौट रहे सैलानियों की टूरिस्ट बस जहानाबाद में बंद समर्थकों द्वारा रोक दी गयी. बस में सवार सभी 25 सैलानी फ्रांस (पेरिस ) के थे. मगध की धरती को नमन करने बोधगया पहुंचे सैलानियों को बिहार बंद की आहट तक नहीं थी. भ्रमण के बाद पटना एयरपोर्ट लौट रही बस जब जहानाबाद स्टेशन पर खड़ी थी तो बस में पर्यटक घंटों बिलबिलाते रहे. जैसे ही पुलिस प्रशासन की गाड़ियां जाम के समीप पहुंची कि बस में सवार एक शख्स हांफता-दौड़ता मदद की गुहार मांगने हकिमों के पास पहुंचा.

बेचारगी के आलम में यहां भी निराशा हाथ लगी. कभी स्टेशन परिसर को निहारता, तो कभी काको मोड़ बस स्टैंड में जाता. हताश होकर वह भी बस में बैठकर ईश्वर को याद करने लगा. उन्हें बस एक ही चिंता सताये जा रही थी कि अगर एकाध घंटे से ज्यादा देर से अगर बस इस जाम में खड़ी रही तो हमारा प्लेन छूट जायेगा. उसी बीच हमारे कैमरामैन पर उसकी नजर पड़ी. फिर वह बस से निकला दौड़ा चला आया और बोला ‘कैन यू हेल्प मी’. तब तक संवाददाता भी पहुंच चुके थे.

वार्ता के बाद उनकी अंग्रेजी भाषा को भांपते हुए उन्हें मदद का भरोसा जगाया. उक्त शख्स ने खुद का नाम कुकीज ने कलपते हुए संवाद किया और कहा कि अगर पटना एयरपोर्ट पर हमारी प्लेन छूट गयी तो आगे का रास्ता भी दुर्लभ हो जायेगा. पटना से 03:30 बजे शाम को फ्लाइट दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली थी. बंद समर्थकों में एक सत्येंद्र यादव समेत कुछ युवाओं ने इंसानियत की मिसाल पेश करते हुए सैलानी बस को निकालने के लिए रेलवे के माल गोदाम रोड से रास्ता ढूंढ़ निकाला. बस निकलते ही अंदर बैठे सैलानियों की ओर से बस एक ही स्वर गूंजती रही थैंक-यू, थैंक-यू.

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