बोतलबंद पानी खरीद प्यास बुझा रहे लोग

भीषण गर्मी में पेयजल के लिए तरस रहे राहगीर जल स्तर जा रहा नीचे चापाकल दे रहे जवाब जहानाबाद सदर : तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी लोगों की हलक सुखाने लगी है. ऐसे में शहरी क्षेत्र में भी लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है. अपने गले को तर करने के लिए […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

भीषण गर्मी में पेयजल के लिए तरस रहे राहगीर

जल स्तर जा रहा नीचे चापाकल दे रहे जवाब
जहानाबाद सदर : तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी लोगों की हलक सुखाने लगी है. ऐसे में शहरी क्षेत्र में भी लोगों को पेयजल संकट से जूझना पड़ रहा है. अपने गले को तर करने के लिए उन्हें बोतलबंद पानी का सहारा लेना पड़ रहा है. शहर के किसी भी प्रमुख चौक-चौराहे पर जिला प्रशासन द्वारा चापाकल नहीं लगाया गया है और न ही अब तक प्याऊ की व्यवस्था करायी गयी है जिससे कि लोग अपने गले को तर कर सकें. ऐसे में लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए चौक-चौराहों के आसपास संचालित होटलों से पानी मांगना पड़ रहा है
या फिर बोतलबंद पानी के सहारे वे अपनी प्यास को बुझाने को मजबूर हैं. लगातार बढ़ रहे तापमान के कारण एक ओर जिले के कई इलाके में पेयजल संकट उत्पन्न होने लगा है. वहीं, दूसरी तरफ शहरी क्षेत्र में भी हाल कुछ अच्छा नहीं है. जिले के बराबर का इलाका पेयजल संकट से जूझ रहा है. यहां लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए दूर के गांवों से पानी लाने को मजबूर होना पड़ रहा है. कुछ ऐसा ही हाल मोदनगंज तथा रतनी प्रखंड के भी कुछ गांवों का है.
इधर शहरी क्षेत्र में भी चौक-चौराहों पर चापाकल की कमी राहगीरों को खल रही है. शहर के अति व्यस्त इलाका अरवल मोड़, राजाबाजार में अरवल मुख्य पथ पर संचालित टेंपो स्टैंड, बाजार समिति मोड़, अस्पताल मोड़, अांबेडकर चौक, गया मोड़, ऊंटा मोड़, मलहचक मोड़, शिवाजी पथ, थाना रोड आदि प्रमुख जगहों पर चापाकल नहीं लगा है जिसके कारण राहगीरो को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.
लग्न को लेकर बाजारों में बढ़ी है भीड़
इन दिनों शादी-विवाह का लग्न भी चरम पर है. हजारों की संख्या में लोग ग्रामीण इलाकों से शहर के बाजार में खरीदारी करने पहुंच रहे हैं. गर्मी के मौसम के कारण बाजार आने वाले लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए पानी की आवश्यकता महसूस होती है, तब वे सड़क किनारे चापाकल ढूंढ़ने लगते हैं लेकिन दूर तक जब उन्हें चापाकल नजर नहीं आता, तब नहीं चाहते हुए भी वे होटल में जाते हैं और पानी के लिए कुछ न कुछ खाद्य पदार्थ की खरीदारी करते हैं या फिर विभिन्न ब्रांडों के बोतलबंद पानी खरीदकर अपनी प्यास बुझाते हैं. प्रशासन के द्वारा ग्रामीण इलाके के खराब पड़े चापाकलों को दुरुस्त करने के लिए टास्क फोर्स का गठन किया गया है.
साथ ही मोबाइल गैंग को भी गांवों के लिए भी रवाना कराया गया है ताकि वे खराब पड़े चापाकलों की मरम्मत करें जिससे कि लोगों को पेयजल संकट से जूझना नहीं पड़े. लेकिन इस पर काम नहीं हो रहा है. शहरी क्षेत्र के सरस्वती मार्केट के समीप एवं अन्य स्थानों पर भी चापाकल खराब पड़े हैं. बार-बार शिकायत के बाद भी इनकी मरम्मती नहीं हो रही है. ऐसे में लोगों को अपनी प्यास बुझाने के लिए होटलों का सहारा लेना पड़ रहा है.
खूब हो रही शीतल पेय की बिक्री: लग्न के कारण ग्रामीण इलाकों से बाजार आने वाले लोगों को जब अपनी प्यास बुझाने के लिए पानी नहीं मिलता है तब वे शीतल पेय बेचने वाले ठेला के पास जाकर अपनी प्यास बुझाने का प्रयास करते हैं. शीतल पेय बेचने वाले इन दिनों सत्तू के साथ ही अमझोरा व नींबू पानी, गन्ने का जूस, बेल की शर्बत बेचते नजर आ रहे हैं.
वहीं, इन दुकानदारों के पास लोगों की भीड़ देखी जा रही है, जो इस गर्मी से बचने के लिए और अपने हलक को शीतलता पहुंचाने के लिए इसका सहारा ले रहे हैं.
क्या कहते हैं अधिकारी
शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर जरूरत के अनुसार चापाकल लगाया जायेगा, ताकि लोगों की परेशानी दूर हो सके. प्रशासन द्वारा पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था करायी जा रही है. इस मौसम में सार्वजनिक स्थलों पर प्याऊ की भी व्यवस्था करायी जायेगी.
संजीव कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी, जहानाबाद
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