जहानाबाद/अरवल : बैंक ऑफ बड़ौदा के प्रबंधक आलोक चंद्रा की हत्या के बाद बुधवार को जहानाबाद और अरवल क्षेत्र के बैंक खुले. कर्मियों ने नियमित कार्य करना शुरू कर दिया है, लेकिन उनके चेहरे पर उदासी और खौफ साफ देखा जा सकता था. ग्राहक निकासी और जमा के लिए बैंक तो आये, लेकिन एक तरह से बैंकों में सन्नाटा ही रहा.
बैंक ऑफ बड़ौदा में अभी भी सन्नाटा ही देखा गया. बैंककर्मी तो थे, लेकिन ग्राहकों की संख्या ना के बराबर थी. दूसरी ओर पुलिस भी बैंक प्रबंधक आलोक चंद्रा की हत्या के संबंध में जांच के उद्देश्य से बार-बार आ जा रही है. बुधवार को दिन भर बैंक, सड़क और दुकानों पर हर एक व्यक्ति बैंक प्रबंधक की हत्या को लेकर चर्चा कर रहा था. बैंककर्मियों के अंदर से खौफ समाप्त करने के लिए प्रत्येक बैंक पर सुरक्षा की खास व्यवस्था की गयी थ. समय-समय पर पुलिस की पेट्रोलिंग पार्टी बैंक पहुंचकर बैंककर्मियों का हाल चाल ले रहती थी. बैंक ऑफ इंडिया और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में भीड़ अच्छी खासी देखी गयी. बैंक खुलने के समय ज्यादा भीड़ थी, लेकिन लंच के बाद भीड़ केवल एसबीआई में दिखी.