सावधान! एटीएम पर ठगों की नजर

एटीएम कार्ड की हेराफेरी कर खाते से निकाल ली जाती है राशि खाते से पैसे निकालने का एटीएम सबसे सरल एवं सुलभ माध्यम है, लेकिन जानकारी के अभाव में यही एटीएम जी का जंजाल बन जाता है. इन दिनों जिले के एटीएम पर ठग गिरोह सक्रिय हैं. ग्रामीण परिवेश की महिलाओं को सहयोग का झांसा […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 3, 2015 6:45 AM
एटीएम कार्ड की हेराफेरी कर खाते से निकाल ली जाती है राशि
खाते से पैसे निकालने का एटीएम सबसे सरल एवं सुलभ माध्यम है, लेकिन जानकारी के अभाव में यही एटीएम जी का जंजाल बन जाता है. इन दिनों जिले के एटीएम पर ठग गिरोह सक्रिय हैं.
ग्रामीण परिवेश की महिलाओं को सहयोग का झांसा दे ठग एटीएम कार्ड बदल देते हैं और बाद में उनके खाते से रुपये की निकासी कर लेते हैं. पुलिस भी इनके भंडाफोड़ के लिए काफी परेशानी है, परंतु सफलता नहीं मिल रही. इसका भरपूर लाभ एटीएम की हेराफेरी से ठगी करनेवाले गिरोह उठा रहे हैं.
जहानाबाद : शहर की एटीएम पर इन दिनों ठग गिरोह सक्रिय हैं. ठग ग्रामीण परिवेश की भोली भाली महिलाएं व पुरुषों को निशाना बनाते हैं. मदद का झांसा दे एटीएम कार्ड की हेराफेरी कर लेते हैं और बाद में उनके खाते से मोटी रकम निकाल लेते हैं. इन ठग गिरोहों के आतंक से पुलिस भी परेशान है. नगर थाने में इस तरह की शिकायतें मानो रोजमर्रा बन गयी है.
थाने में ठगी के मामले दर्ज होते हैं, पुलिस मामले की जांच भी करती है, लेकिन हाथ कुछ नहीं आता. ये ठग अलग-अलग एटीएम काउंटर पर अपनी गिद्ध दृष्टि लगाये रखते हैं तथा अपने पास अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड रखते हैं. कोई भोला-भाला पुरुष या महिला एटीएम कार्ड से रुपये की निकासी करता है और किसी तकनीकी कारण से रुपये निकलने में थोड़ा विलंब होता है, तो उस समय ठगी करने वाले लोग इनकी सहायता करने पहुंच जाते हैं.
पहले तो ये लोग सहायता करने के नाम पर ग्राहकों से एटीएम कार्ड ले लेते हैं, फिर उनकी जरूरत के अनुसार रुपये की निकासी भी कर देते हैं, लेकिन बाद में उनका एटीएम ये अपने पास छुपा लेते हैं और उस तरह का दूसरा एटीएम उन्हें थमा देते हैं.
तकनीकी रूप से कम जानकारी रखनेवाले वह व्यक्ति खुशी-खुशी एटीएम कार्ड लेकर अपने घर चला जाता है. इसकी जानकारी कुछ दिनों बाद उसे होती है, जब वह दुबारा एटीएम से रुपये निकालने या पासबुक अपडेट कराने जाता है. शिकायत मिलने पर पुलिस सीसीटीवी फुटेज भी खंगालती है, लेकिन उसे वहां भी कुछ नहीं मिलता और ठगी का शिकार व्यक्ति हाथ मलता रह जाता है.

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