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इलाज के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन नहीं

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By Prabhat Khabar Digital Desk | September 28, 2016 6:04 AM

बीडीओ और नौरू पंचायत के मुखिया के बीच विवाद की जांच करने पहुंचा राजद का दल

परिसदन में जांच दल ने की प्रेस कॉन्फ्रेंस
जहानाबाद : सदर प्रखंड के बीडीओ नौशाद आलम सिद्दीकी और नौरू पंचायत के मुखिया नागेंद्र कुमार उर्फ छोटन यादव के बीच के विवाद की जांच करने के लिए मंगलवार को राजद का जांच दल जहानाबाद पहुंचा. बिहार प्रदेश राजद के प्रधान महासचिव सह स्थानीय विधायक मुंद्रिका सिंह यादव की अगुआई में आयी टीम में पांच विधायकों के अलावा पार्टी के व्यावसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष और जिलाध्यक्ष शामिल थे. जांच दल ने पाया कि मुखिया के साथ अफसरों ने ऐसा अपराध किया जो शर्मनाक करनेवाली घटना है. मुखिया की ब्लॉक और थाने में न सिर्फ बेरहमी से पिटाई की गयी,
बल्कि उन्हें डरा-धमका कर मानसिक रूप से भी प्रताड़ित भी किया गया. सात दिनों के बाद भी उनके इलाज के लिए मेडिकल बोर्ड का गठन नहीं किया गया. जांच दल के संयोजक विधायक मुंद्रिका सिंह यादव के अलावा टीम में मखदुमपुर के विधायक सूबेदार दास, अरवल के विधायक रविंद्र कुमार सिंह, समस्तीपुर के विधायक अख्तरूल शाहिन, विधायक वीरेंद्र कुमार सिंह, राजद व्यावसायिक प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष सतीश गुप्ता और राजद के जिलाध्यक्ष मुजफ्फर हुसैन राही शामिल थे. जांच दल में शामिल लोग पहले काको स्थित मंडल कारा में जाकर मुखिया से मिले और उनकी आप बीती सुनी. इसके बाद समाहरणालय में जाकर डीएम एसपी से मुलाकात की.
टांग कर मुखिया पर बरसायीं गयी अनगिनत लाठियां : जांच दल के संयोजक मुन्द्रिका सिंह यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जेल में बंद मुखिया ने जो अपनी करुण दास्तान सुनायी है वह शर्मनाक है. उन्होंने कहा कि पहले तो प्रखंड कार्यालय में बीडीओ ने दुर्व्यवहार करते हुए मुखिया की पिटायी की, झूठा मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार करवाया गया और इसके बाद थाने में बीडीओ के अलावा एसडीओ और एसडीपीओ ने बर्बरतापूर्वक उन पर अनगिनत लाठियां बरसायी़ उन्हें टांगकर पिटा गया ऐसा मारों की इंजूरी न हो, यह कह कर मुखिया की पिटाई की गयी. अधिकारियों ने खुद तो पीटा ही अपने मुलाजिमों से भी मुखिया को पिटवाया. मुखिया ने अपने को निर्दोष बताया है. यह सीसीटीवी फुटेज से भी स्पष्ट है.
अफसरों ने डरा-धमका कर किया प्रताड़ित : जांच दल का कहना है कि मुखिया को कई तरह की धमकी अफसरों के द्वारा दी गयी. उन्हें धमकी दी गयी कि पहले भी दो बार मुखिया रह चुके हो. पुरानी योजनाओं की जांच करायेंगे तो नहीं बचोगे. इस बार भी कम वोट से जीते हो, उसकी भी जांच करायेंगे तो मुखिया गिरी खत्म हो जायेगी. इस तरह अन्य कई तरह की बातें कहकर मुखिया को प्रताड़ित किया गया. विधायकों ने कहा कि इस तरह की अफसरशाही लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है. राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज्य की कल्पना को अफसरों ने मटियामेट किया है.
विधानसभा में गूंजेगा मामला : जांच दल के संयोजक पूर्व मंत्री और वर्तमान में जहानाबाद के विधायक मुन्द्रिका सिंह यादव ने कहा है कि वे इस मामले की जांच रिपोर्ट राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को सौपेंगे. उनके माध्यम से रिपोर्ट सरकार के पास भी जायेगी. यह भी कहा है कि जिला प्रशासन के द्वारा की जा रही जांच में यदि प्रशासन के द्वारा भेदभाव बरता गया और गड़बड़ी की गयी तो इसके विरोध में वे मुश्तैदी के साथ विधानसभा में मामला उठायेंगे. साथ ही साथ प्रशासनिक जांच रिपोर्ट में त्रुटि रहेगी तो इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करायी जायेगी, ताकि घटना के जिम्मेवार दोषियों को सजा मिल सके,चाहे वो जो भी हो. कानून सभी के लिए बराबर है इसका उल्लंघन करने वाले दंडित होंगे.
जाम में फंसे रहे शहरवासी
त्योहारी मौसम आते ही शहर के बाजारों में खरीदारी करनेवालों की भीड़ उमड़ने से दिन भर की जाम की स्थिति बनी रहती है. इस दौरान बाजार में वाहनों और लोगों की आवाजाही काफी बढ़ गयी है. इस कारण मंगलवार को शहर में दिन भर जाम की स्थिति बनी रही. स्थानीय अरवल मोड़ के साथ ही फिदा हुसैन मोड़ तथा दरधा नदी पुल पर भी जाम लगने का सिलसिला पूरे दिन जारी रहा.

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