नव प्रोन्नत प्रधानाध्यापकों की पदस्थापना रद्द, जांच
पदस्थापना में विकलांग व महिला की वरीयता को किया गया था अनदेखाप्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरीJustice Yashwant Varma Case: कैसे हटाए जा सकते हैं सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जज?Spies In Mauryan Dynasty : मौर्य काल से ही चल रही है ‘रेकी’ की परंपरा, आज हो तो देश में मच जाता है बवालRajiv Gauba : […]
पदस्थापना में विकलांग व महिला की वरीयता को किया गया था अनदेखा
जहानाबाद,नगर : जिला शिक्षा स्थापना समिति द्वारा नव प्रोन्नत प्रधानाध्यापकों को 11 अप्रैल को विभिन्न विद्यालयों में पदस्थापना किया गया था. जिसमें प्रोन्नति समिति की बैठक में लिये गये निर्णय का उल्लंघन किये जाने की शिकायत प्राथमिक शिक्षक संघ द्वारा की गयी थी. साथ ही विकलांग व महिला की वरीयता को अनदेखा करने का भी आरोप लगाया गया था. संघ के इन शिकायतों को देखते हुए जिला पदाधिकारी द्वारा पदस्थापना को रद्द करने का आदेश दिया गया है.
साथ ही इस पूरे मामले की सम्यक जांच कराने को भी कहा गया है. मालूम हो कि प्रोन्नति समिति द्वारा जिले के 106 शिक्षकों को प्रधानाध्यापक के पद पर प्रोन्नति देते हुए पदस्थापना का कार्य 04 फरवरी 2017 लॉटरी के माध्यम से करने का प्रस्ताव पारित किया गया था. लेकिन इस प्रस्ताव का अनदेखा करते हुए 11 अप्रैल को इन शिक्षकों का पदस्थापना कर दिया गया था. इधर इस मामले में प्रधानाध्यापक प्रोन्नति संघर्ष मोरचा ने जिला पदाधिकारी से मांग की है कि एक ही पैनल से पूर्व में हुए 11 शिक्षकों के पदस्थापना को भी रद्द किया जाये तथा सभी नव प्रोन्नत प्रधानाध्यापकों की पदस्थापना लॉटरी के माध्यम से ही कराया जाये.