नहर पर बने चचरी के पुल के सहारे आते-जाते हैं ग्रामीण

जिले के चर्चित नरसंहार पीड़ित गांव आज भी सुविधाओं से वंचित है. बाथे गांव में छोटी नहर पर चचरी के पुल के सहारे लोगों का आवागमन होता है जिससे लोगों को काफी असुविधा होती है.

By Prabhat Khabar News Desk | June 6, 2024 10:14 PM

अरवल.

जिले के चर्चित नरसंहार पीड़ित गांव आज भी सुविधाओं से वंचित है. बाथे गांव में छोटी नहर पर चचरी के पुल के सहारे लोगों का आवागमन होता है जिससे लोगों को काफी असुविधा होती है. विदित हो कि 1997 में उक्त गांव में बिहार का सबसे बड़ा नरसंहार हुआ था. जिसमें 58 लोग की निर्मम हत्या कर दी गयी थी. इसके बाद गांव बिहार ही में ही नहीं पूरे देश में चर्चा में रहा था. गांव में आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है. नहर पर बने चचरी के पुल के सहारे स्कूली बच्चों का भी स्कूल में आना-जाना होता है, फिर भी इस दिशा में आज तक प्रशासनिक का पदाधिकारी द्वारा किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गयी, जिसके कारण समस्या ज्यो की त्यों बानी है. हालांकि नरसंहार के बाद गांव में विकास के काम युद्ध स्तर पर किया गया था सड़के, बिजली जैसी मूलभूत संसाधनों जिला प्रशासन द्वारा गांव में पहुंचायी गयी थी, लेकिन आज भी कुछ ऐसे मूलभूत समस्याएं हैं जिससे बाथे नरसंहार पीड़ित गांव के लोग जूझ रहे हैं. उक्त समस्या को लेकर ग्रामीणों का कहना है कि चचरी के पुल के सहारे स्कूली बच्चों को आने जाने पर घटना की संभावनाएं बनी रहती है, फिर भी बच्चे आने-जाने पर बेहोश है. इस संबंध में पूछे जाने पर अनुमंडल पदाधिकारी ओमप्रकाश ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया जायेगा और जरूरत पड़ी तो संबंधित विभाग को समस्या को दूर करने की दिशा में कार्रवाई करने के लिए पत्राचार किया जायेगा.

टेंपो रुकवाने के दौरान उसी टेंपो से हुआ घायल : जहानाबाद.

मानपुर जाने के लिए टेंपो रुकवाने के दौरान एक व्यक्ति काको रामदानी के निकट उसी टेंपो से टकराकर घायल हो गया. घायल अमरजीत कुमार को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है. अमरजीत मानपुर का रहने वाला है जो काको के धर्मपुर में अपनी बहनोई संजीव कुमार के यहां आया हुआ था. वहां एक सप्ताह रहने के बाद गुरुवार को वह अपने घर मानपुर लौट रहा था. इसी दौरान वह काको थाना क्षेत्र के रामदानी के निकट सड़क पर टेंपो रुकवा कर उस पर चढ़ना चाह रहा था, लेकिन टेंपो वाले ने टेंपो रोकने के बजाय उसे टक्कर मार दी जिसके कारण अमरजीत गंभीर रूप से घायल हो गया. स्थानीय लोगों की मदद से उसे इलाज के लिए अस्पताल में ले जाया गया. बाद में उसके बहनोई को सूचना दी गयी जिसके बाद उसके परिजन अस्पताल पहुंचे.

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