बिक्री में पॉश मशीन का नहीं कर रहे थे प्रयोग
भभुआ : जिले के 160 फुट कर उर्वरक विक्रेताओं का लाइसेंस रद्द कर दिया गया है. इन उर्वरक विक्रेताओं द्वारा पॉश मशीन का प्रयोग नहीं किया जा रहा था. गौरतलब है कि सरकार द्वारा बिहार राज्य अंतर्गत उर्वरक क्षेत्र में प्वाइंट आॅफ सेल यानी पॉश मशीन द्वारा उर्वरक विक्रेताओं को उर्वरक की बिक्री करने का आदेश एक जनवरी 2018 से लागू कर दिया गया है. निर्देश में यह भी कहा गया था कि जिन केंद्रों पर अपेक्षा कृत ज्यादा भीड़ हो जाती हो, वहां अतिरिक्त पॉश मशीन भी उपलब्ध करायी जाये.
निर्देश में यह भी कहा गया था कि जिला कृषि पदाधिकारी यह सुनिश्चित करें कि फुट कर विक्रेताओं ने कितना उर्वरक थोक विक्रेताओं से किया और कितना उर्वरक उन्होंने पॉश मशीन के माध्यम से बेचा है, ताकि पूरे बिक्री तंत्र का डिजिटल विश्लेषण किया जा सके. सरकार के इस निर्देश के आलोक में जिला कृषि पदाधिकारी द्वारा सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण कर पॉश मशीन कार्यान्वयन का जांच करने का निर्देश भी दिया गया था.
गौरतलब है कि सरकार स्तर पर की गयी समीक्षा में जनवरी में कैमूर सहित नालंदा एवं भागलपुर की उपलब्धि कम पायी गयी थी. सरकार के निर्देश के आलोक में जिले के सभी फुटकर उर्वरक विक्रेताओं को यह मशीन जिला कृषि विभाग से उपलब्ध कराया जाना था. इस संबंध में जब मंगलवार को जिला कृषि पदाधिकारी भरत सिंह से बात की गयी,
तो उन्होंने बताया कि जिले में कुल फुट कर विक्रेताओं की संख्या 533 है. इसमें से मात्र 373 फुट कर विक्रेताओं द्वारा ही पॉश मशीन का उर्वरक बिक्री में प्रयोग किया जा रहा है. 160 फुट कर विक्रेताओं ने जिले से पॉश मशीन उठाया ही नहीं है. इसे देखते हुए ऐसे 160 उर्वरक विक्रेता जिनके द्वारा पॉश मशीन का प्रयोग नहीं किया जा रहा है. उनका लाइसेंस रद्द कर दिया गया है.