भभुआ सदर : मई महीने में सूर्य के रौद्र रूप और ऊमस से क्या बच्चे और क्या बूढ़े व महिलाएं सभी परेशान हैं. मई के अंतिम सप्ताह में सूरज ऐसे कहर ढा रही है. मानों जैसे वह लोगों को जलाने पर तुले हों. इधर, सूरज की तपिश और ऊमस लोगों को बीमार कर रहा है. हालत यह है कि हर घर से कोई न कोई बीमार है.
सदर अस्पताल में भी मरीजों की बाढ़ सी आयी हुई है. मात्र शुक्रवार को ही अस्पताल के ओपीडी में 400 से अधिक मरीजों ने इलाज के लिए अपना पर्चा कटवाया. सदर अस्पताल के डॉक्टर जेएन सिंह भी कहते हैं कि ऐसे मौसम को हल्के में नहीं लेने की जरूरत हैं. क्योंकि, यह आपको भारी नुकसान पहुंचा सकता है. उतार-चढ़ाव भरे मौसम में बीमारियां तेजी से पनपती हैं. बदलते मौसम के अनुकूल शरीर को ढालना आसान नहीं रह गया है. ऐसे में खुद को बचाये रखने के लिए विशेष सतर्कता बरतनी जरूरी है. क्योंकि, इस बार मई महीने के गर्मी में ही लू लगने से दो लोगों की मौत हो चुकी है.
वहीं, कई लोग लू के साथ डायरिया व पेट दर्द की चपेट में आ चुके हैं. मौसम विभाग की माने तो फिलहाल तापमान 44 डिग्री सेल्सियस है, जो अगले सप्ताह और बढ़ने की संभावना है. फिलहाल बारिश की कोई उम्मीद नहीं है. हालांकि, शुक्रवार से ही रोहिणी नक्षत्र का आगमन हो चुका है. लेकिन, सूर्य के ताप को देखते हुए इसका असर दिखाई नहीं पड़ा.
मौसम की चाल समझ से परे
इस बार मौसम की चाल समझ से परे है. कभी तेज धूप हो जाती है, तो कभी आसमान पर बादल घिर आते हैं. लेकिन, इन सब के बीच ऊमस और गर्म हवाओं ने लोगों को बीमार करना शुरू कर दिया है. मौसम के बेरुखी व उतार-चढ़ाव के कारण ही सरकारी अस्पताल सहित शहर के निजी अस्पतालों में मरीजों की भीड़ बढ़ गयी हैं. अकेले सदर अस्पताल में ही रोज ओपीडी में मरीजों की संख्या चार सौ से अधिक पहुंच गयी है. कुछ ऐसा ही हाल शहर के निजी व प्राइवेट अस्पतालों व क्लिनिकों का है, जहां मुंह अंधेरे से ही मरीजों की संख्या जुटने लगती है. सदर अस्पताल के डॉ विनय कुमार तिवारी बताते हैं कि इस गर्मी और ऊमस भरी मौसम का असर सेहत पर पड़ रहा है. इस मौसम में अधिकतर लोग लू लगने, डायरिया, बुखार, पेट दर्द जैसी बीमारियों ने लोगों को जकड़ रखा है. ऐसे में मौसम में सतर्कता बरतनी चाहिए. सदर अस्पताल के डीएस डॉ विनोद कुमार सिंह ने बताया कि अस्पताल में मरीजों की संख्या काफी बढ़ी है. डायरिया, बुखार आदि के मरीज बढ़े हैं. अस्पताल में मरीजों के लिए फ्लूड से लेकर हर दवा की व्यवस्था की गयी है.
तेजी से फैलता है संक्रमण
इस समय असहनीय धूप और गर्मी के कारण संक्रमण तेजी से फैलता है और वैक्टीरिया आदि जीवाणु और रोगाणु के पनपने की क्षमता भी अधिक हो जाती है. इसका मुख्य कारण है वातावरण व जलवायु में बदलाव. सर्दी-जुकाम व वायरल जैसे रोग आसानी से शरीर को घेर लेते हैं. उतार-चढ़ाव भरे मौसम में हमारे शरीर की रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी क्षीण हो जाती है. मौसम में ठंडा पानी, कोल्ड ड्रिंक्स व एसी की आदतों को नहीं छोड़ पाते, जिससे सर्दी-जुकाम की गिरफ्त में आ जाते हैं.
ये आदतें हो सकती हैं नुकसानदेह
अक्सर देखने में आता है कि हम तेज धूप और गर्मी से पसीने में लथपथ आते हैं और एसी, कूलर या पंखे के सामने बैठ जाते हैं या बाहर से आकर फ्रिज का ठंडा पानी पी लेते हैं. इससे सर्द-गर्म होने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसा करने से बचें. सफाई का रखें ध्यान, किसी भी तरह के संक्रमण से बचने के लिए हाथों को साबुन से धोयें. आपकी साफ-सफाई संक्रमण को रोकने में मददगार साबित होगी. मौसम में बदलाव आने पर रात को सोते वक्त नमकयुक्त गुनगुने पानी से गरारे और भाप लेने की आदत डालें. किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. तला भुना खाने से बचें. इस मौसम में बाहर का बासी, तला-भुना, मिर्च-मसालेवाला कुछ भी खाने से बचें. खूब पानी पीएं और घर का बना हल्का भोजन ही लें. हमेशा साफ व उबला हुआ पानी ही पीएं.