Kaimur News : आखिरकार भगवानपुर थानेदार किये गये निलंबित
भगवानपुर के थानेदार उदय कुमार को कई लापरवाही, कार्रवाई नहीं करने के मामले में जीवनदान मिलने के बाद आखिरकार शनिवार को भगवानपुर थाना क्षेत्र के एक गांव से एक साथ तीन लड़कियों के गायब होने के मामले में तीन दिनों तक प्राथमिकी दर्ज नहीं करने को लेकर उन्हें एसपी हरिमोहन शुक्ला द्वारा निलंबित कर दिया गया है.
भभुआ कार्यालय. भगवानपुर के थानेदार उदय कुमार को कई लापरवाही, कार्रवाई नहीं करने के मामले में जीवनदान मिलने के बाद आखिरकार शनिवार को भगवानपुर थाना क्षेत्र के एक गांव से एक साथ तीन लड़कियों के गायब होने के मामले में तीन दिनों तक प्राथमिकी दर्ज नहीं करने को लेकर उन्हें एसपी हरिमोहन शुक्ला द्वारा निलंबित कर दिया गया है. हालांकि, यह कोई पहला मामला नहीं है जब भगवानपुर थानेदार उदय कुमार द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने या कार्रवाई करने में लापरवाही सामने आयी है. इससे पहले भी कई मामलों में उनके द्वारा घटना के कई दिनों बाद प्राथमिकी दर्ज की गयी व घटना की सूचना दिये जाने के बावजूद घटनास्थल पर पुलिस नहीं भेजी गयी, जिसके कारण मामला बढ़ गया. शराब के मामले में भी उनकी भूमिका संदिग्ध पायी गयी है, लेकिन उक्त सभी मामलों में उन्हें थानेदार के रूप में जीवन दान मिल रहा था. लेकिन, भगवानपुर थाना क्षेत्र के एक गांव से एक साथ तीन लड़कियों के गायब होने के बाद भी तीन दिनों तक लड़कियों को खोजने के लिए ना कोई कार्रवाई की गयी और ना ही प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की गयी, जिस मामले में उन्हें निलंबित करना पड़ा है. दरअसल, 13 मार्च को भगवानपुर थाना क्षेत्र के एक गांव से एक साथ तीन लड़कियां गायब हो गयी थी, तीनों लड़कियों के गायब होने पर उनके परिजन लड़कियों को खोजने व प्राथमिकी दर्ज करने के लिए भगवानपुर थाने पहुंचे, लेकिन उनकी प्राथमिकी 13 मार्च को दर्ज नहीं की गयी और ना ही उन्हें खोजने के लिए कोई कार्रवाई की गयी. इसके बाद 14 जनवरी को भी परिजन भगवानपुर थाने पर प्राथमिकी दर्ज कराने व लड़की को खोजने के लिए गुहार लगाने पहुंचे, लेकिन 14 जनवरी को भी उक्त तीनों लड़कियों के गायब होने के मामले में कोई कार्रवाई थानेदार उदय कुमार द्वारा नहीं की गयी. इसके बाद जब परिजन 15 जनवरी को तीसरे दिन थाने पर पहुंचे और तब भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो इसकी सूचना वरीय अधिकारियों को दी गयी. इसके बाद उक्त मामले में अधिकारियों द्वारा संज्ञान लिया गया और लड़कियों को बरामद करने की दिशा में कार्रवाई शुरू की गयी, साथ ही तीनों लड़कियों को बरामद कर लिया गया, जब तीनों लड़कियां बरामद हुई तब यह बात सामने आया कि उक्त मामले में कोई प्राथमिकी ही दर्ज नहीं है, जब प्राथमिकी ही दर्ज नहीं है तो उनकी बरामदगी कैसे दिखायी जाये, इसके बाद उक्त मामले में भगवानपुर थानेदार की बड़ी लापरवाही को देखते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया और फिर तीनों लड़कियों के गायब होने के मामले में प्राथमिकी दर्ज की गयी. = पूर्व में भी कई मामलों में थानेदार की पायी गयी थी लापरवाही हालांकि यह कोई पहला मामला नहीं है जब भगवानपुर थानेदार उदय कुमार की लापरवाही सामने आयी है. इसके पहले भगवानपुर थाना क्षेत्र में ही एक सांप काटे व्यक्ति को पैसे के लिए दो घंटे तक 112 की पुलिस द्वारा पकड़ कर रखा गया था, जब उससे 700 घूस लिया गया तब उसे छोड़ा गया. इसके बाद उसके परिजन उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल ले गये, जहां देर होने की वजह से उसकी मौत हो गयी थी. उक्त मामले में भी थानेदार की लापरवाही सामने आयी थी. इसके बाद एक शराब के मामले में भी भगवानपुर थानेदार उदय कुमार की भूमिका संदिग्ध पायी गयी थी. इसी तरह से भगवानपुर थाना क्षेत्र के शाहपुर गांव के एक रिटायर्ड चौकीदार का बैंक से निकाल कर ला रहे 110000 रुपये झपट्टा मार कर बदमाश 24 फरवरी को लेकर भाग गये थे, उक्त मामले में भी भगवानपुर थाने में छह फरवरी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी. रिटायर्ड चौकीदार द्वारा जब कई जगहों पर गुहार लगायी गयी, तब 6 फरवरी को मामले में प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. यही नहीं होली के दौरान 13 मार्च को भी भगवानपुर बाजार के दो मोुहल्ले के बीच डीजे बजाने को लेकर मारपीट और इसमें स्थानीय लोगों द्वारा लगातार थानेदार को सूचना दी जाती रही, लेकिन उनके द्वारा पुलिस नहीं भेजा गया, जिसका नतीजा रहा दोनों मुहल्लों के लोगों के बीच लगातार बात बढ़ती गयी और 14 व 15 मार्च को भी जमकर मारपीट हुई. इसके बाद पता चला कि इसमें कई बार थानेदार को 13 जनवरी से ही सूचना दी जा रही है, लेकिन उनके द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गयी. इसके कारण यह मामला बढ़ गया.इसके बाद इलाके में यह चर्चा जोर पर थी कि पैरवी और पहुंच के कारण उक्त थानेदार की लापरवाही बार-बार सामने आने के बावजूद उन पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. = सुनील पासवान को मिला भगवानपुर थानेदार का प्रभार एसपी हरिमोहन शुक्ला द्वारा भगवानपुर के थानेदार उदय कुमार को निलंबित करने को लेकर जारी किये गये आदेश में कहा गया है कि तीन लड़कियों के एक साथ गायब होने के मामले में प्राथमिक दर्ज नहीं किया जाना काफी गंभीर मामला है, इसकी जांच भभुआ के सर्किल इंस्पेक्टर संतोष रजक से करायी गीय, जिसमें स्पष्ट रूप से 13 मार्च को लड़कियों को गायब होने के बावजूद 15 मार्च तक प्राथमिकी दर्ज नहीं किये जाने का आरोप सही पाया गया. इसके बाद उन्हें निलंबित करते हुए विभागीय कार्रवाई प्रारंभ करने का आदेश दिया गया है. साथ ही इनकी जगह पर भगवानपुर थाने में पदस्थापित 2018 बैच के सब इंस्पेक्टर सुनील पासवान को भगवानपुर थानेदार का प्रभार दिया गया है.
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