पदाधिकारियों व कर्मियों के आने-जाने का नहीं है कोई समय
प्रतिनिधि, कदवाप्रखंड एवं अंचल में पदस्थापित पदाधिकारियों व कर्मियों के प्रखंड एवं अंचल मुख्यालय में स्थायी रूप से नहीं रहने के कारण आमलोगों को सामना करना पड़ रहा है. विदित हो कि प्रखंड एवं अंचल मुख्यालय के संबंधित अधिकारी प्रखंड एवं अंचल मुख्यालय में निवास नहीं करते. उक्त सभी कार्यालय अवधि के दौरान देर-सबेर आते […]
प्रतिनिधि, कदवाप्रखंड एवं अंचल में पदस्थापित पदाधिकारियों व कर्मियों के प्रखंड एवं अंचल मुख्यालय में स्थायी रूप से नहीं रहने के कारण आमलोगों को सामना करना पड़ रहा है. विदित हो कि प्रखंड एवं अंचल मुख्यालय के संबंधित अधिकारी प्रखंड एवं अंचल मुख्यालय में निवास नहीं करते. उक्त सभी कार्यालय अवधि के दौरान देर-सबेर आते और चले जाते हैं. इनमें से कुछ एक पदाधिकारी फिल्ड का कार्य का बता कर या जिला मुख्यालय में बैठक होने की बात कह कर कई दिनों तक कार्यालय आते ही नहीं आते हैं. दूरभाष पर बात करने पर कहते हैं कि अभी फिल्ड में या बैठक में हूं, जबकि हकीकत कुछ और ही होता है. ऐसे अधिकारियों को अपने घर या अन्यत्र अपने किसी निजी कार्य से जाने हेतु छुट्टी लेने की आवश्यकता नहीं होती है. उक्त स्थिति के परिणामस्वरूप जहां एक ओर आमलोगों के कार्यों में अत्यधिक विलंब होता है. विश्वस्त सूत्रों के अनुसार उक्त वस्तु स्थिति की जानकारी जिला पदाधिकारी कटिहार प्रकाश कुमार एवं अनुमंडल पदाधिकारी बारसोई डॉ महेंद्र पाल, बीडीओ कुमार सौरभ तथा अंचल पदाधिकारी मो सऊद आलम के रहने के बावजूद भी कार्रवाई नगण्य है. नियमानुसार उक्त पदाधिकारी का मुख्यालय में रहना अनिवार्य समझा जाता है. जिसके लिए उन्हें आवास हेतु प्रत्येक माह किराये का भी भुगतान किया जाता है.