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अब भी उपभोक्ताओं से बिजली बिल वसृूल रहा एनजीओ

अब तक जीवन ज्योति प्राइवेट लिमिटेड को बिल वसूली से नहीं रोका गया हैजांच में दोषी पाया गया है एनजीओ, रद्द होगा नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन का कांट्रेक्ट प्रतिनिधि, कटिहारनार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कटिहार की फ्रेंचाइजी जीवन ज्योति एनजीओ ने वर्ष 2013 में नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन का कांट्रेक्ट लिया था. इसकी समय अवधि तीन […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 1, 2015 8:03 PM

अब तक जीवन ज्योति प्राइवेट लिमिटेड को बिल वसूली से नहीं रोका गया हैजांच में दोषी पाया गया है एनजीओ, रद्द होगा नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन का कांट्रेक्ट प्रतिनिधि, कटिहारनार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कटिहार की फ्रेंचाइजी जीवन ज्योति एनजीओ ने वर्ष 2013 में नार्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन का कांट्रेक्ट लिया था. इसकी समय अवधि तीन वर्ष की थी. लेकिन जीवन ज्योति की ओर से जिले के उपभोक्ताओं से उठायी गयी राशि दो वषोंर् तक विभाग में जमा नहीं करने को लेकर विभाग के सीएमडी के निर्देश पर नगर थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी. करीब 64 लाख की राशि के गबन का आरोप फ्रेंचाइजी पर आया. पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी कर रही है. डिफाल्टर एनजीओ उपभोक्ताओं से भुगतान सवाल यह उठता है कि जब एनजीओ के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज हो गयी. मामला अनुसंधान के क्रम में सही साबित हो गया. पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए सघन छापेमारी कर रही है. बावजूद इसके डिफॉल्टर एनजीओ (जीवन ज्योति प्राइवेट लिमिटेड) विद्युत उपभोक्ताओं से बिजली बिल ले रही है. सवाल यह उठता है कि विभाग की अब भी नींद नहीं खुल पायी है. जांच की बात कह कर स्थानीय पदाधिकारी अपना पल्ला झाड़ने में जुटे हैं. आखिर दो वर्षों से संचालक ने कटिहार का विद्युत राजस्व नहीं जमा किया, तो उस समय विभाग के पदाधिकारी क्या कर रहे थे. जबकि पूर्व में भी कई बार एनजीओ के संचालक पर बोर्ड की मीटिंग में राशि जमा करने का निर्देश दिया गया था.

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