परिजनों का रो-रो कर था बुरा हाल
फलका : फलका में हुए सड़क हादसे में एलआइसी में कार्यरत रहटा पंचायत के छपन्ना गांव में रामचंद्र साह के 35 वर्षीय पुत्र पुनीत लाल साह की मौत से उनके गांव में कोहराम मच गया. उनकी पत्नी उर्मिला देवी बदहवास हो गयी थी. उनका रो-रो कर बुरा हाल था. उनको विश्वास ही नहीं हो रहा […]
फलका : फलका में हुए सड़क हादसे में एलआइसी में कार्यरत रहटा पंचायत के छपन्ना गांव में रामचंद्र साह के 35 वर्षीय पुत्र पुनीत लाल साह की मौत से उनके गांव में कोहराम मच गया. उनकी पत्नी उर्मिला देवी बदहवास हो गयी थी. उनका रो-रो कर बुरा हाल था. उनको विश्वास ही नहीं हो रहा था कि पुनीत इस दुनिया में नहीं हैं.
वह रो-रो कर कह रही थी पति ने आधा घंटा पहले पीर मोकाम हाट से फोन पर कहा कि मैं सब्जी लेकर घर आ रहा हूं. बच्चों ने पापा से बिस्कुट व चाकलेट लाने को कहा था. पर वे लौट कर नहीं आये. वहीं उनकी बूढ़ी मां शांति देवी का रो-रो कर बुरा हाल था. वे बेटे की लाश से लिपट-लिपट कर कह रही थी कि पुनीत सुबह लोगों का एलआइसी करने गया था
और कह कर गया था कि मां शाम में आपके लिए दवाई लेकर आउंगा, लेकिन भगवान ने मेरे बेटे को ही छीन लिया. वहीं पिता रामचंद्र साह टक-टकी बांध कर जवान बेटे की लाश को देख रहे थे. वह कह रहे थे कि उनके दो ही बेटे थे. बड़े बेटे को भगवान ने छीन लिया. अब छोटे बेटा पर घर का सारा बोझ आ गया.
पुनीत की दो बेटी रेयू कुमारी (12), हेमलता कुमारी (10), बमबम कुमार (8) भी विलाप कर रहे थे. गौरतलब हो कि रहटा के समीप स्टेट हाइवे-77 पर मंगलवार की रात नेपाल की टैंकलॉरी एनएयूकेएएच-3955 फारबिसगंज की ओर से आ रही थी. इधर एलआइसी में कार्यरत पुनीत कुमार पीर मोकाम हाट से मोटरसाइकिल से घर की ओर आ रहा था.
इसी बीच रहटा चौक के समीप तेज रफ्तार से आ रही टैंकलॉरी ने उसे रौंद दिया तथा अनियंत्रित होकर घोघन के घर में घुस गयी. घोघन के दो मवेशी भी हादसे में घायल हो गया. मौके पर ही ग्रामीणों ने टैंकलॉरी को पकड़ लिया तथा चालक मुन्ना कुमार फारबिसगंज को पिटाई कर दी.