जब पुलिस नशे में मिलती है, तो ताड़ी…
कटिहार : सैय्यां भये कोतवाल, तो डर काहे का…कुछ ऐसी ही तसवीर इन दिनों जिला मुख्यालय में देखने को मिल रही है. मतलब यह है कि शराब पीने पर आमजनों के लिए तो पुलिसिया कार्रवाई देखने को तो मिल रही है, लेकिन जब पुलिस वाले नशे मिल रहे हैं, तो उनके मुंह से ताड़ी की […]
कटिहार : सैय्यां भये कोतवाल, तो डर काहे का…कुछ ऐसी ही तसवीर इन दिनों जिला मुख्यालय में देखने को मिल रही है. मतलब यह है कि शराब पीने पर आमजनों के लिए तो पुलिसिया कार्रवाई देखने को तो मिल रही है, लेकिन जब पुलिस वाले नशे मिल रहे हैं, तो उनके मुंह से ताड़ी की गंध आने लगती है? शराबबंदी के बाद जिले में अबतक दो पुलिस वाले नशे की हालत में उत्पात मचाते और हंगामा करते हत्थे चढ़े हैं.
पर मेडिकल जांच में दोनों के ताड़ी पीये होने की पुष्टि की गयी. सहायक थाना क्षेत्र के मिरचाईबाड़ी में बीएमपी के जवान ने नशे की हालत में एक बच्चे और युवक की पिटाई तक कर दी थी. इससे आक्रोशित लोग उक्त जवान को थाने ले गये और हंगामा किया. पुलिस ने उक्त जवान का मेडिकल जांच कराया तो रिपोर्ट शराब के उलट ताड़ी की आयी.
ऐसी ही एक घटना गुरुवार को कारगिल पार्क में देखने को मिली. बीएमपी का जवान नशे में धुत था. पर, मेडिकल जांच में रिपोर्ट एक बार फिर दगा दे गयी और रिपोर्ट शराब की न आकर ताड़ी की ही निकली. लोगाें में चर्चा है कि जब पुलिस का मामला होता है, तो चिकित्सकों को उनके मुंह से शराब की बू न आकर ताड़ी की ही गंध क्यों आती है. क्या महज यह इक्तेफाक है अथवा फिर कुछ और.