श्रीरामपुर गांव में मचा कोहराम
गोगरी/ खगड़िया : परबत्ता थाना क्षेत्र के श्रीरामपुर ठुट्ठी निवासी विजय चौधरी की मौत के बाद गांव में कोहराम मच गया. मुजफ्फरपुर में रविवार की देर रात सड़क हादसे में उनकी जान गयी. प्रखंड क्षेत्र के लोग पूरे दिन मृतक विजय के घर पहुंच कर परिजनों को सांत्वाना देते रहे. मृतक के घर पूरे दिन […]
By Prabhat Khabar Digital Desk |
September 12, 2017 4:59 AM
गोगरी/ खगड़िया : परबत्ता थाना क्षेत्र के श्रीरामपुर ठुट्ठी निवासी विजय चौधरी की मौत के बाद गांव में कोहराम मच गया. मुजफ्फरपुर में रविवार की देर रात सड़क हादसे में उनकी जान गयी. प्रखंड क्षेत्र के लोग पूरे दिन मृतक विजय के घर पहुंच कर परिजनों को सांत्वाना देते रहे. मृतक के घर पूरे दिन लोगों की भीड़ लगी रही.
प्रखंड के प्रशासनिक अधिकारी व पुलिस पदाधिकारी हवलदार के घर पहुंच कर सांत्वना दी. हवलदार विजय चौधरी के मूल गांव श्रीरामपुर ठुट्ठी स्थित उनके आवास तक घटना की जानकारी से कोहराम मच गया. नम आंखों से लोग जांबाज हवलदार विजय चौधरी के जज्बे की चर्चा करते रहे. विजय चौधरी की मौत की खबर सुनते ही पत्नी मीना देवी अचेत होकर गिर पड़ीं. मीना की हालत देखते ही आसपास और स्थानीय लोग भी अपने आंसू को रोक नहीं पाये. घर के बाकी सदस्यों की भी रुलाई फूट पड़ी.
आसपास रहने वालों ने बताया कि विजय चौधरी के दो बेटे और एक बेटी हैं. बड़ा बेटा अमरेंद्र कुमार चौधरी आइआइटी करने के बाद ओएनजीसी कंपनी मुंबई में नौकरी करता है और दूसरा बेटा जितेन्द्र कुमार चौधरी पटना में रहकर पढ़ाई करता है.
मूलगांव में होगा अंतिम संस्कार
हवलदार विजय चौधरी के पड़ोसी और परिवार के संपर्क में आये अफसरों के मुताबिक उनका अंतिम संस्कार मूल गांव अगुवानी घाट में होगा. उनका पार्थिव शरीर सोमवार की देर रात तक पहुंचने की सूचना है. आला अफसरों की मौजूदगी में राजकीय और सैन्य सम्मान के साथ शहीद को अंतिम विदाई दी जाएगी.
जिउतिया में घर आने की बात कह कर गये थे विजय
परिजनों ने बताया कि हवलदार विजय चौधरी सत्रह दिन पहले ही मुजफ्फरपुर जिउतिया में आने की बात कहकर रवाना हुए थे. परिजनों ने बताया की विजय चौधरी 17 अगस्त को आठ दिन की छुट्टी पर घर आये थे और छुट्टी खत्म होने के बाद 25 अगस्त को वापस नौकरी करने चले गये लेकिन परिवार वालों और हवलदार विजय को क्या पता कि ये अंतिम छुट्टी और परिवार वालों के साथ अंतिम मिलन होगा. इसके बाद फिर कभी वापस नहीं आएंगे. मृतक के छोटे भाई अजय चौधरी और सुजय चौधरी ने बताया कि विजय की मौत की खबर मिली, तो दोनों पुत्र अमरेंद्र और जितेंद्र ने आपा खो बैठे. इस जानकारी पर दोनों बेटा परबत्ता के लिए रवाना हो गये. पिता के पार्थिव शरीर के साथ उनके आवास परबत्ता में सोमवार की देर शाम पहुंचने की सूचना मिली है.
विधायक ने किया शोक व्यक्त
सड़क हादसे में हवलदार विजय चौधरी की शहादत का पता चलने पर परबत्ता के वर्तमान विधायक रामानंद प्रसाद सिंह उर्फ़ आरएन सिंह के दफ्तर से जिले समेत थाना क्षेत्र के आला अफसरों के पास फोन आने लगे. विधायक ने अपने कार्यकर्ताओं को विजय चौधरी के घर जरूरी व्यवस्थाओं के निर्देश भी दिये. विधायक रामानंद प्रसाद सिंह ने भी देर रात परिजनों से फोन पर बात की और गहरी शोक संवेदना व्यक्त किया.