बारिश से खेत में पकी फसल पर लगा ग्रहण

खगड़िया: शनिवार की दोपहर हुई बारिश के बाद जिले के किसानों दिक्कत में आ गये हैं. हल्की बारिश होने से खलिहान में रखा गेहूं पूरी तरह भिंग गया, जिससे किसानों के चेहरे में मायूसी दिखी. ज्ञात हो कि इस समय खेतों में गेहूं की फसल कटाई का कार्य जारी है. किसान फसल काटने में दिन […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 5, 2015 8:32 AM
खगड़िया: शनिवार की दोपहर हुई बारिश के बाद जिले के किसानों दिक्कत में आ गये हैं. हल्की बारिश होने से खलिहान में रखा गेहूं पूरी तरह भिंग गया, जिससे किसानों के चेहरे में मायूसी दिखी. ज्ञात हो कि इस समय खेतों में गेहूं की फसल कटाई का कार्य जारी है. किसान फसल काटने में दिन रात लगे हुए हैं.
धूप और गरमी की परवाह किये बगैर किसान फसल कटनी में लगे हुए हैं कि किसी तरह महीनों की मेहनत से तैयार फसल घर तक पहुंचाया जा सके. किसानों ने अपनी फसल भी घर नहीं पहुंचायी है. खलियान में ही फसल खुले आसमान के नीचे रखी हुई है. ऐसे में मौसम ने एक बार फिर करवट ली और बारिश होने लगी. बीते सोमवार को भी हुई बारिश ने किसानों के फसल हो काफी नुकसान पहुंचाया था. पहले ओला वृष्टि की मार ङोल रहे किसान अब ज्यादा चितिंत दिखायी दे रहे हैं. दोपहर के 12 बजे बारिश शुरू हो गयी.
कहते हैं किसान
लाभगांव के किसान विनोद कुमार शर्मा, रंजीत यादव, जितेंद्र कुमार, सुरेश शर्मा, रामदेव शर्मा, अशोक कुमार, उदय कुमार आदि ने बताया कि बेमौसम हुई बारिश से खलिहान में रखे गेहूं को काफी नुकसान पहुंचा है. कृषकों ने बताया कि पहले ही प्राकृतिक आपदाओं की मार ने किसान को झकझोड़ कर रख दिया है. उन्होंने बताया कि बारिश में भिगने के बाद गेहूं का रंग काला पड़ सकता है. गेहूं के काले होने के बाद गेहूं के चमक व स्वाद में काफी अंतर हो जायेगा.
वहीं गेहूं का वजन भी कम हो जायेगा. इससे किसानों को काफी नुकसान पहुंचने की संभावना उन्होंने बतायी. वहीं उन्होंने यह भी बताया कि बारिश से थोड़ा बहुत फायदा मकई के फसल हो मिल सकता है. मकई के दाने पुस्ट हो सकते हैं. लेकिन बारिश के बाद अगर तेज हवा हुई तो मकई का पौधा गिर भी सकता है.
आम व लीची को फायदा
किसान ने बताया कि आम व लीची के फसल को बारिश से फायदा होगा. उन्होंने बताया कि बारिश के पानी से आम व लीची के दाने पुष्ट होंगे. वहीं उन्होंने बताया कि बारिश के पानी से पेड़ का पत्ता भी साफ हो जायेगा तथा पेड़ में लगे कीड़े भी नस्ट हो जायेंगे. इसका फायदा आम व लीची के फसल को पहुंचेगा.

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