कानूनी कार्रवाई करेगा उत्पाद विभाग

जिम्मेवारी. पूर्ण शराबबंदी के अनुपालन को लेकर लिया गया है फैसला सिविल पुलिस की तरह ही अब उत्पाद विभाग कानूनी अधिकार सहित संसाधनों से लैस होगा. पूर्ण शराबबंदी के बाद उत्पाद विभाग की जिम्मेवारी बढ़ गयी है. इसको लेकर सरकार ने विभाग को अधिकार संपन्न बनाने का फैसला लिया है. गोगरी : विल पुलिस की […]

By Prabhat Khabar Digital Desk |

जिम्मेवारी. पूर्ण शराबबंदी के अनुपालन को लेकर लिया गया है फैसला

सिविल पुलिस की तरह ही अब उत्पाद विभाग कानूनी अधिकार सहित संसाधनों से लैस होगा. पूर्ण शराबबंदी के बाद उत्पाद विभाग की जिम्मेवारी बढ़ गयी है. इसको लेकर सरकार ने विभाग को अधिकार संपन्न बनाने का फैसला लिया है.
गोगरी : विल पुलिस की तरह ही अब उत्पाद विभाग कानूनी अधिकार सहित संसाधनों से लैस होगा. बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बाद उत्पाद विभाग की जिम्मेवारी और कार्य बोझ बढ़ गया है. इसे देखते हुए सरकार ने विभाग को अधिकार संपन्न बनाने का फैसला लिया है. इसके अंतर्गत उत्पाद थाना खोलने व विभाग को पुलिस के समान अधिकार संपन्न बनाने की योजना है. हर जिले में स्थापित उत्पाद थानों को बिहार पुलिस के समान गिरफ्तारी, जमानत, मुकदमा चलाने समेत अन्य अधिकार होंगे.
उत्पाद विभाग की योजना के अनुसार जिले के क्षेत्रफल व आबादी के अनुसार थानों की संख्या निर्धारित होंगी. हर जिले में न्यूनतम चार थाने होंगे. उत्पाद विभाग के जवानों का भी कानूनी अधिकार बढ़ाने का फैसला किया गया है. पूर्व में ही विभाग ने एसआइ की जगह एएसआइ को कानूनी कार्रवाई का अधिकार दे दिया है. अब बिहार पुलिस के तर्ज पर उन्हें और अधिकार संपन्न बनाने की तैयारी है.
थाना वायरलेस िसस्टम से होगा लैस: उत्पाद थाने को वाहन पुलिस बल से लेकर वे सारी सुविधाएं मिलेंगी जो सिविल पुलिस को प्राप्त हैं. थाने में एसआइ, एएसआइ, हवलदार व सिपाही तैनात होंगे. थाने वायरलेस सिस्टम से लैस होंगे और थाने का अपना हाजत भी होगा. थाने की पेट्रोलिंग टीम 24 घंटे गश्त करेगी. सभी जिलों से नयी व्यवस्था के तहत थाना निर्माण व संसाधन की रिपोर्ट मंगायी जा चुकी है. गृह व विधि विभाग से इस संबंध में हरी झंडी मिल चुकी है.
जल्द ही भरा जायेगा खाली पद:
प्रस्ताव को मानसून सत्र के दौरान ही कैबिनेट से पास करा कर लागू कराने की योजना है. उत्पाद विभाग में खाली पड़े पद भी भरे जायेंगे. विभाग में इंस्पेक्टर, एसआइ, एएसआइ व सिपाही के पद बड़ी संख्या में रिक्त हैं. इन पदों के साथ नवसृजित पदों पर भी भरती होगी. नयी व्यवस्था लागू होने से स्थिति सुधरने की उम्मीद है. वर्तमान में कार्यबल की कमी से सैफ व होमगार्ड के भरोसे व्यवस्था है.
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