खगड़िया. आंधी-तूफान व बारिश ने किसान की कमर तोड़ दी है. मौसम में आए अचानक बदलाव ने करोड़ों का नुकसान हुआ है. नुकसान का आकलन तो बाद में किया जायेगा. लेकिन, आंधी तूफान ने दर्जनों लोगों को बेघर कर दिया. आंधी व बारिश से बड़ी हताहत नहीं हुयी. लेकिन एक दर्जन से अधिक बकरी की मौत हो गयी. सर्वाधिक क्षति किसानों को हुयी है. इसके अलावे आवागमन,बिजली सेवा ठप हो गया. किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है. महिनों की मेहनत बेकार हो गया. शनिवार की आधी रात को मक्का के किसान भी बर्बादी की कगार पर पहुंच गए हैं. आंधी व बारिश ने मकई की फसल को जमींदोज कर दिया है. जिस फसल को देख किसान अच्छी आमदनी की आस लगाए बैठे थे. वह पल भर में तबाह एवं बर्बाद हो गया. खेतों में हालात ऐसे हो गए हैं कि इन गिरे हुए मकई के पौधे को यदि जल्दी काट कर पशुओं को नहीं खिलाया जाए तो खेतों में ही सड़कर बर्बाद हो जायेगा. आंधी व बारिश की तबाही जिले के सदर प्रखंड, परबत्ता, मानसी, अलौली, चौथम,बेलदौर, गोगरी में देखी गयी. मक्का, गेहूं फसल के अलावे आम, लीची, केला को भी नुकसान होने की बात कही जा रही है. अलौली प्रखंड के दहमा खैरी खुटाहा, कामाथान, सदर प्रखंड के रहीमपुर, उत्तर माड़र, माड़र दक्षिणी, बछौता, रसौंक, इटवा बहियार, बोचघसका, झीमा बहियार, मोहनपुर, मोरकाही, मानसी के अमनी, सैदपुर, बलहा सहित दर्जनों बहियार में मक्के की फसल जमीन पर गिर गया है. मोहनपुर के किसान संदीप प्रसाद के 20 बीघा, ओवेश आलम के 15 बीघा, अर्जून साह के 10 बीघा, मुकेश कुमार साह 10 बीघा, रामबालक शर्मा के 15 बीघा एवं माड़र के किसान अमित ठाकुर की 10 बीघा, पिंकेश साह के 12 बीघा, सबलपुर निवासी मचकुर आलम की 7 बीघा मक्के की फसल बर्बाद हो गया.
बे-मौसम बारिश ने किसानों की अरमानों पर फेरा पानी
गेहूं उत्पादक किसानों ने बताया कि अभी आधा से ज्यादा गेहूं या तो खेत में लगा हुआ है या काट कर खेत में पड़ा हुआ है. अचानक रुक-रुक कर हो रही वर्षा के कारण लगे हुए फसल एवं काटे हुए फसल में वर्षा का पानी जमा हो जाने के कारण अब गेहूं में धीरे-धीरे अंकुरण आने लगा है. परबत्ता के जिला परिषद सदस्य जयप्रकाश यादव ने बताया कि गेहूं के किसान पहले से ही बर्बादी की कगार पर थे. अगुवानी राका गांव के किसान भोलानाथ मिश्र ने बताया कि करीब 5 एकड़ में गेहूं की फसल कटाई के बाद खेतों में पड़ी है जो अब सड़ने के कगार पर है. किसान सर्वेश यादव ने बताया कि लगभग चार एकड़ में मक्का का फसल कर्ज लेकर बोया था और पल भर में ही सब कुछ चौपट हो गया. इधर परबत्ता के कृषि समन्वयक धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि जल्द ही प्रभावित खेतों एवं उसमें लगे फसलों को हुई क्षति का अध्ययन करते हुए रिपोर्ट तैयार कर जिला को भेजा जायेगा.आंधी में गिरे पेड़ लूटने की मची होड़
देर रात आंधी के कारण जगह-जगह पेड़ टूटकर गिर गया. सड़क पर पेड़ गिरने से आवागमन बाधित हो गया. गिरे हुए टहनी व पेड़ को लूटने की होड़ मच गयी. जिसको जैसी सुविधा मिली उसी पर लाद कर पेड़ की टहनी ले जाते देखे गए. कुछ लोगों द्वारा पेड़ काटते हुए हुए नजर आए. बताया जाता है कि लाखों रूपये मूल्य की पेड़ की लूट हुयी है. ना ही पुलिस रोका, ना वन विभाग के कर्मी. लोग ठेला, साइकिल, बाइक, ऑटो आदि वाहन से ले जाते देखे गए. शहर के डीडीसी आवास के समीप, सोनमनकी रोड, सबलपुर रोड, माड़र रोड, अलौली रोड आदि पथ पर पेड़ गिर जाने के कारण आवागमन बाधित हो गया. नगर परिषद क्षेत्र के बलुआही व जंगली टोला में कच्चा मकान पर पेड़ गिर जाने से घर क्षति हो गया. नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड संख्या 30 बलुआही निवासी रामचंद्र यादव के घर पर पेड़ गिर जाने के कारण घर क्षतिग्रस्त हो गया. बताया जाता है कि जंगली टोला में पेड़ गिरने से पशुपालक की 11 बकरी की मौत हो गयी.आंधी-बारिश से बिजली खंभा व तार टूटा, विद्युत सेवा रहा ठप
आंधी के कारण बिजली खंभा, तार टूट कर गिर गया. ग्रामीण क्षेत्र में 15 घंटे से अधिक समय तक विद्युत सेवा बहाल नहीं हो सका. हालांकि बिजली विभाग के कर्मी पूरे दिन जर्जर तार को मरम्मत करने में जुटे रहे. बिजली सेवा जल्द बहाल करने के लिए पूरी प्रयास किया जा रहा था. दहमा खैरी खुटाहा, मोरकाही, माड़र उत्तरी, बछौता, रांको, आवासबोर्ड, अमनी, रसौंक, माड़र दक्षिणी सहित दर्जनों गांव में बिजली सेवा ठप रहा. बिजली उपभोक्ताओं ने बताया कि तत्काल बिजली आने की कोई संभावना नहीं है. बिजली विभाग के अधिकारी द्वारा बताया गया कि आंधी के कारण बिजली खंभा टूट गया. आकाशीय बिजली के कारण जगह- जगह इंसुलेटर पंक्चर हो गया है, जिसे ठीक किया जा रहा है. खगड़िया-सोनमनकी पथ के समीप बिजली खंभा, 11 हजार वोल्ट के तार टूट कर गिरा गया है.बिजली के कारण मोबाइल चार्ज करना हुआ मुश्किल, ई-रिक्सा सेवा रहा ठप
शनिवार की देर रात बारिश शुरू होते ही विद्युत सेवा बंद होने के कारण रविवार की सुबह कुछ लोग जहां- तहां वैकल्पिक व्यवस्था कर मोबाइल चार्ज किया. लेकिन, ई-रिक्सा सेवा बिल्कुल ही ठप रहा. पूरे दिन शहर में ई-रिक्सा परिचालन ठप रहा. बिजली बाधित रहने के कारण पानी के लोग परेशान रहे. सदर प्रखंड के ओलापुर गंगौर पंचायत के वार्ड संख्या 2 में तेज आंधी में पानी टंकी गिर गया. टंकी क्षतिग्रस्त होने के कारण क्षेत्र के लोगों को पानी नहीं मिल सका. कंपनी के कर्मी द्वारा मरम्मती कार्य किया जा रहा है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

