वस्तु व सेवा कर को लेकर व्यवसायियों में उहापोह

दिघलबैंक : वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लिए भले ही सरकार और विशेषज्ञ कैंप लगाकर लोगों को जानकारियां दे रहे हैं, मगर लोगों के मन में अभी इसको लेकर कई शंकाएं बनी हुई हैं. व्यापारियों को यह संदेह है कि उनके स्टॉक पर जीएसटी लगने के बाद देय कर वसूला जा सकता है ऐसे […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | June 12, 2017 4:46 AM

दिघलबैंक : वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) के लिए भले ही सरकार और विशेषज्ञ कैंप लगाकर लोगों को जानकारियां दे रहे हैं, मगर लोगों के मन में अभी इसको लेकर कई शंकाएं बनी हुई हैं. व्यापारियों को यह संदेह है कि उनके स्टॉक पर जीएसटी लगने के बाद देय कर वसूला जा सकता है ऐसे में बहुत से कारोबारी अपना स्टॉक क्लियर करने में लगें है.जीएसटी पर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार भले ही अपनी पीठ थपथपा रही हो लेकिन छोटे कारोबारी इससे बेचैन हैं

उनके परेशान होने की वजह पहले से भी ज्यादा कागजी और कानूनी फॉरमलिटीज हैं दरअसल, जीएसटी लागू होने के बाद अब छोटे कारोबारियों को भी 37 टैक्स रिटर्न्स भरने होंगे,जिसको लेकर ब्यापारी वर्ग हलकान हो रहें है उन्हें समझ नही आ रहा है कि आखिर क्या करें. जबकि सूत्र बतातें हैं कि जीएसटी लागू होने से पहले कारोबारी अपना स्टॉक निल करने लगें है सबसे ज्यादा परेशान छोटे कारोबारी है