फौज में रह कर देता था लूट की घटनाओं को अंजाम

सुरेश कुमार राय, भोरे : यूपी के कुशीनगर में पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्त में आये अमित राय उर्फ फौजी देश की सीमा की रक्षा के दौरान ही लूट की घटनाओं को अंजाम दिलवाता था. उसने एक बार अपराध कर दुनिया में कदम रखा, तो फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा. एक के बाद एक आपराधिक […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | April 16, 2019 1:41 AM

सुरेश कुमार राय, भोरे : यूपी के कुशीनगर में पुलिस मुठभेड़ के बाद गिरफ्त में आये अमित राय उर्फ फौजी देश की सीमा की रक्षा के दौरान ही लूट की घटनाओं को अंजाम दिलवाता था. उसने एक बार अपराध कर दुनिया में कदम रखा, तो फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा. एक के बाद एक आपराधिक घटनाओं को अंजाम देकर फौजी और उसके गैंग ने पुलिस की नींद हराम कर रखी थी. इसके ऊपर पहली बार वर्ष 2009 में केस दर्ज दर्ज हुआ था.

फौज में रह कर अपराध के नये ट्रेंड को दिया जन्म : हथुआ थाना क्षेत्र के नयागांव निवासी बंका राय का पुत्र अमित राय की नौकरी जब बीएसएफ में हुई तो परिवार के लोगों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा, लेकिन देश की सीमा पर तैनात अमित उर्फ फौजी के मन में कुछ और ही चल रहा था. बीएसएफ में उसकी ड्यूटी कश्मीर में थी, जहां से वापस आने के बाद उसने एक गैंग तैयार किया.
इसमें लाइनर से लेकर शूटर तक शामिल हुए. फौजी की नजर वैसे व्यवसायियों पर रहती थी, जो अपना पैसा वसूलने बड़े व्यापारियों के यहां आते थे. घटना को अंजाम देने के बाद वो फिर कश्मीर चला जाता था. पहली बार फौजी का नाम भोरे के लखरांव में हुए लूटकांड में आया था.
पहली बार नवादा से हुई थी गिरफ्तारी : इसकी अपराध जगत में बढ़ती सक्रियता ने पुलिस की नींद उड़ा कर रख दी थी, लेकिन पुलिस उसे गिरफ्तार नहीं कर पा रही थी. विधानसभा चुनाव के दौरान उसकी ड्यूटी बिहार के नवादा जिले में लगी, जहां से पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. गिरफ्तारी के बाद उसे जले भेज दिया गया. जेल से छूटने के बाद वो फिर वापस फौज में नहीं गया.
उसने अपराध को ही अपनी जीवनशैली में शामिल कर लिया. जेल से छूटने के बाद वर्ष 2017 में सीवान और गोपालगंज में उसने लूट एवं डकैती के सात घटनाओं को अंजाम देकर पुलिस को फिर से चुनौती दे दी, जिसमें गोपालगंज में एक बाइक एजेंसी और एक व्यवसायी से लूटकांड भी शामिल थे.
फौजी की गिरफ्तारी के लिए सीवान और गोपालगंज पुलिस लगातार प्रयास में थी, लेकिन उसने अपना ठिकाना यूपी को बना लिया था. 1.60 करोड़ रुपये की बड़ी लूट को अंजाम देने के बाद फौजी यूपी पुलिस के लिए चुनौती बन चुका था, जिसे सोमवार को पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया.