धर्म में सबसे बड़ा दान क्षमादान

श्रद्धालुओं ने किया भगवान महावीर का जलाभिषेक किशनगंज : दस दिनों तक चलने वाला पर्यूषण पर्व रविवार को संपन्न हो गया. इस अवसर पर जाप एवं क्षमा याचना कार्यक्रम हुआ. पर्यूषण पर्व के दौरान जैन भाइयों द्वारा कई धार्मिक कार्यक्रमों का अयोजन जैन समाज, युवा मंडल, महिला मंडल के तत्वावधान में किया गया. इनमें जाप, […]

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श्रद्धालुओं ने किया भगवान महावीर का जलाभिषेक

किशनगंज : दस दिनों तक चलने वाला पर्यूषण पर्व रविवार को संपन्न हो गया. इस अवसर पर जाप एवं क्षमा याचना कार्यक्रम हुआ.
पर्यूषण पर्व के दौरान जैन भाइयों द्वारा कई धार्मिक कार्यक्रमों का अयोजन जैन समाज, युवा मंडल, महिला मंडल के तत्वावधान में किया गया. इनमें जाप, तप, ध्यान सहित स्वप्न महोत्सव को मनाया गया. इसके अतिरिक्त कई जैन श्रद्धालुओं के द्वारा इस पूरे आयोजन के समय में उपवास भी किए.
इससे पूर्व स्थानीय दिगंबर जैन मंदिर से शोभा यात्रा निकाली गयी. शोभा यात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से भ्रमण करते हुए एनएच 31 जैन भवन पहुंची. जहां मान्यता के अनुसार क्षीर सागर का जल लेकर वापस जैन मंदिर में पहुंची. उसी जल से भगवान का अभिषेक किया गया.
पालकी में भगवान महावीर को विराजमान करके जैन श्रद्धालु झूमते हुए निकले. पीत वस्त्र धारण किए हुए श्रद्धालुओं शोभा यात्रा में शामिल हुए. शोभा यात्रा का संचालन जैन युवा मंडल द्वारा किया. समाज के उपाध्यक्ष भगाचंद्र पांड्या ने बताया कि क्षमा याजना पर्व के दौरान जाने अनजाने में मन, कर्म, वचन, काया द्वारा की गयी गलतियों के लिए जैन समाज के लोग एक दूसरे के घरों व अन्य स्थानों पर जाकर आपस में क्षमा मांगते है जो यह इस पर्व का मूल तत्व है. जैन समाज सहित सभी धर्मों में क्षमादान को सबसे बड़ा दान माना गया है. कहा गया है कि बदले की भावना पूरा होने पर इंसान को मात्र कुछ क्षण की खुशी मिलती है,
लेकिन किसी को क्षमा कर देना ऐसा आनंद है जिसका आनंद जीवन भर महसूस किया जाता है. गुस्से को बल देने से आपसी वैर को बढ़ावा मिलता है व अधर्म का मार्ग प्रशस्त होता है लेकिन किसी को माफ कर देने से आपसी भाईचारा बढ़ता है तथा धर्म का मार्ग प्रशस्त होता है.
पर्व के अंतिम दिन सबसे पहले जैन स्थानक में जाप का समापन किया गया व उसके उपरांत उपस्थित सभी ने एक दूसरे के गले मिलकर अपनी गलतियों की क्षमा मांगी.
मौके पर समाज के उपाध्यक्ष भागचंद्र पांडया सचिव राज कुमार छावड़ा, महावीर ठोल्या, राकेश जैन, संतोष काला, सुरेश जैन, संजय चांदूवार, विनोद काला, युवा शाखा के अध्यक्ष नीरज छावड़ा, संतोष पाटनी, महिला मंच की अध्यक्षा बेला छावड़ा, सचिव सबिता पांड्या, लक्ष्मी अजमेर आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
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