नोट नहीं मिलने से लोगों की बढ़ रही मुश्किलें

ठाकुरगंज : 500 और 1000 के नोट बंदी के बाद बैंकों में उन्हें बदलने का काम आम लोगों को युद्ध जीतने के बराबर लगने लगा है. 2000 के नोट बदलने के लिए लोगों को घंटो लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है.... अपनी छोटी छोटी जरूरत को पूरा के लिए दिन भर खड़ा होना पड़ […]

By Prabhat Khabar Digital Desk | November 15, 2016 2:01 AM

ठाकुरगंज : 500 और 1000 के नोट बंदी के बाद बैंकों में उन्हें बदलने का काम आम लोगों को युद्ध जीतने के बराबर लगने लगा है. 2000 के नोट बदलने के लिए लोगों को घंटो लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है.

अपनी छोटी छोटी जरूरत को पूरा के लिए दिन भर खड़ा होना पड़ रहा है़ हालत इतनी बदतर होती जा रही है की भले ही बैंक 10 बजे खुले लोग अहले सुबह चार बजे से बैंक के बाहर जमा होने लगते है. सुबह चार बजे गिनती की भीड़ 10 बजते बजते सैकड़ों की संख्या पार कर जाती है.

ग्राहकों को दिक्कत नहीं हो इसके लिए स्टेट बैंक की ठाकुरगंज शाखा द्वारा बैंक परिसर के बाहर बेरीकेट लगाए गए हैं परन्तु लगातार बढ़ती भीड़ के सामने ये सारी व्यवस्था धरी की धरी रह जा रही है. महिलाओं और पुरुषों का कोई भेद नहीं दिख रहा. महिलायें पुरुषों की धक्कामुकी से परेशान हो रही है. परन्तु अपनी जरूरत के काम पूरा करने के लिए वे बैंक के सामने खड़ी है उसे पूरा किये बिना हट भी नहीं सकती.

बैंक के सामने लगातार जुटी रहने वाली भीड़ के कारण सड़क किनारे चाय नास्ता के साथ अन्य सेवा देने वाली दुकानें भी खुल गई है. इस जगह पर कई ऐसे काउंटर भी खुल गए हैं जो पांच रुपये में फार्म भरने का काम भी कर रहे हैं. इस दौरान कई ऐसी शिकायतें भी सामने आ रही है की ग्रामीण क्षेत्र से आये लोगों ने उक्त फार्म में खाता नंबर कुछ दिया और ऐसे लोगों ने कुछ और भर दिया.