नये-पुराने नोट के बीच फंसा कारोबार
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नोटबंदी . आयकर विभाग से बचने के लिए लोग बनवा रहे हैं आय प्रमाण पत्र
जिले के व्यापारी सन्नाटे में हैं. व्यापार मंदा पड़ गया है. नये-पुराने नोट के चक्कर में व्यापारियों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है.
किशनगंज : पुराने नोटबंदी की घोषणा ने थोक हो या खुदरा विक्रेता, सबको हिला कर रख दिया है. किशनगंज के व्यापारी सन्नाटे में हैं. व्यापार लगभग ठप है. कारण थोक विक्रेता अब पुराने नोट लेने से परहेज करने लगे हैं जबकि खुदरा विक्रेता मंडी में पुराने नोट ही चलाने में लगे हुए हैं. इससे खुदरा बाजार तक माल नहीं पहुंच पाता है. वहीं रामपुर आलू-प्याज व चावल मंडी का हाल बुरा है. थोक विक्रेता भी दूसरे राज्यों से खाद्य पदार्थ व आलू-प्याज नहीं मंगवा पा रहे हैं. कुछेक ट्रक मंडल में आ रहे हैं, तो उनको भुगतान करना व्यापारियों के लिए सिर दर्द बना है. नोटबंदी से अचानक नकदी कारोबार बंद हो गया है.
महिलाओं की बढ़ी आमदनी
तू डाल-डाल तो मैं पात-पात, यह कहावत उन लोगों पर सटीक बैठती है जो लोग घर में रखे लाखों रुपये बैंकों में जमा कराने के लिए तरह-तरह के उपाय कर रहे हैं. प्रधानमंत्री ने काला धन निकलवाने के लिए पांच सौ और हजार रुपये नोट क्या बंद किये अब लोग पत्नियों, मां और बहन के खाते में ढाई से तीन लाख रुपये डालने के लिए उपाय ढूंढ़ने लगे हैं. नोट जमा होने के बाद आयकर विभाग परेशान न करे इसके लिए महिलाओं के तीन से चार लाख रुपये वार्षिक आय प्रमाण-पत्र बनवाने में जुट गये हैं.