किशनगंज. वादों और दावों के बीच उलझी त्रिकोणीय लड़ाई में मतदाताओं की खामोशी से जिले की राजनीतिक तपिश लगातार बदल रही हैं.मतदाता इन दिनों चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों के लिए अबूझ पहेली बन गये हैं.
शुक्रवार 26 अप्रैल को जिले में लोकसभा चुनाव के लिए वोटिंग होना है.चुनाव लड़ रहे सभी प्रत्याशियों के द्वारा अब जबकि पूरी ताकत झोंकी जा रही है.इस परिस्थिति में जागरूक मतदाताओं की चुप्पी साधे रहना बड़ा तूफान आने के पूर्व होने वाले सन्नाटे जैसी स्थिति बनाये हुई है.यह स्थिति ना सिर्फ उम्मीदवारों को एक बार झकझोर कर रख देता है.बल्कि इनके सधे हुए शब्दों के जाल में भी उलझ कर रह जाते है.
प्रत्याशी,वहीं मतदाताओं की ओर से किसी भी प्रकार का खुलासा नहीं किया जाना भी इस चढ़ते पारा वाले मौसम में उम्मीदवारों के पसीना छुड़ा रहा है.बहरहाल हर दहलीज पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराते हुए उम्मीदवार गृहस्वामी से आशा भरी नजरों से वोट की विनती करते नजर आते हैं.वहीं मतदाता मानो दूध का जला छाछ भी फूंक-फूंक कर पीना चाह रहा है.हालांकि लोकसभा चुनाव का रोमांच अभी बरकरार है.यह अलग बात है कि हर दिन बनते बिगड़ते समीकरण से कई दिग्गजों के रात की नींद और दिन का चैन गायब हो गया है.फिलहाल चुनाव के लिहाज से मतदाता बिल्कुल मौन है.जबकि पहले चरण के चुनाव में प्रचार की समाप्ति के बाद दूसरे चरण में किशनगंज में होने वाले चुनाव को लेकर प्रचार पूरी गति में है.अगले एक-दो दिनों में इसमें और तेजी की संभावना है.
पार्टियों के बड़े बड़े दिग्गज और स्टार प्रचारकों का आगमन भी यहां शुरू हो चुका है.कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिका अर्जुन खड़गे ने शुक्रवार को लोहागरा में प्रचार किया वहीं एनडीए नेताओं के आगमन का भी सिलसिला शुरू हो गया है.अगले पांच दिन में उम्मीदवारों के समर्थन में कई बड़े राजनीतिक हस्ती का जमावड़ा किशनगंज में लगेगा.जिसमे कांग्रेस,राजद,एआईएमआईएम के अलावे जदयू तथा भाजपा के कई नेताओं के आगमन की संभावना है.