13.1 C
Ranchi

लेटेस्ट वीडियो

उत्कृष्ट कार्य करने वाली सेविका और महिला पर्यवेक्षिका हुईं सम्मानित

राष्ट्रीय पोषण मिशन अंतर्गत पोषण पखवाड़ा का संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया

किशनगंज

. जिलाधिकारी विशाल राज के निर्देशानुसार मंगलवार को बाल विकास परियोजना कार्यालय ठाकुरगंज में बीडीओ अहमर अब्दाली एवं प्रभारी जिला प्रोग्राम पदाधिकारी एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, ठाकुरगंज जीनत यासमीन द्वारा राष्ट्रीय पोषण मिशन अंतर्गत पोषण पखवाड़ा का संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया. कार्यक्रम में प्रखंड स्तर के सभी पदाधिकारी गण शामिल हुए जिसमें विशेष कर बच्चों एवं महिलाओं में पोषण हेतु सरकार द्वारा चलाए जा रहे हैं. योजनाओं पर विशेष चर्चा हुई की कैसे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को इसका लाभ मिल सके. बीडीओ के द्वारा अवगत कराया गया कि वर्तमान समय में आगामी तीन माह हेतु अनुसूचित जाति जनजाति क्षेत्र में विभिन्न विभिन्न तिथियों को विशेष शिविर का आयोजन किया जा रहा है,शिविर के दौरान सरकार द्वारा चल रही योजनाओं को ऑन स्पॉट लाभ देने हेतु कार्य किया जा रहे हैं. आंगनबाड़ी केंद्रों पर भारत सरकार द्वारा टीएचआर वितरण हेतु एफआरएस मॉड्यूल को लागू किया गया है जिसमें पूरक पोषाहार उपलब्ध कराते हुए संबंधित लाभार्थी का सर्वप्रथम आधार से ई-केवाईसी करना है तत्पश्चात एफआरएस मॉड्यूल के तहत फेस रिकॉग्नाइज करते हुए सुखा राशन उपलब्ध कराना है. काफी विषम परिस्थितियों में भी सेविकाओं द्वारा कार्य किया जा रहा है. पांच सेविका कल्पना दास, रंगीला परवीन, मस्कीना खातून, कोहिनूर बेगम जो पूरे ठाकुरगंज परियोजना में टॉप फाइव में थी उनको प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं जिला प्रोग्राम पदाधिकारी द्वारा उत्कृष्ट कार्य हेतु प्रशस्ति पत्र भी दिया गया. साथ ही दो महिला पर्यवेक्षिका राहत जहां एवं तलत नसरीन को परियोजना अंतर्गत अपने सेक्टर अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने हेतु प्रशस्ति पत्र प्रदान की गई.इस अवसर पर कार्यपालक सहायक मुकेश कुमार गुप्ता,महिला पर्यवेक्षिका राहत जहां, तलत नसरीन, फिरदौस बेगम खैरुन निशा, बीवी शहरी बेगम, प्रखंड समन्वय पिंकी कुमारी शाह सहित अन्य सभी कर्मी उपस्थित थीं.

पोषण अभियान क्या है

पोषण अभियान एक राष्ट्रीय पहल है जिसका उद्देश्य 0-6 वर्ष की आयु के बच्चों,किशोरियों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के पोषण स्तर में सुधार करना है.यह कार्यक्रम बच्चों में बौनापन, कुपोषण,एनीमिया और जन्म के समय कम वजन जैसी समस्याओं को कम करने के लिए प्रौद्योगिकी,विभागों में टीमवर्क और सामुदायिक भागीदारी का उपयोग करता है.पोषण अभियान का उद्देश्य बच्चों और महिलाओं के बीच स्वस्थ और पौष्टिक आहार को बढ़ावा देना है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

संबंधित ख़बरें

Trending News

जरूर पढ़ें

वायरल खबरें

ऐप पर पढें
होम आप का शहर
News Snap News Reel